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संसद को बाधित कर रहा विपक्ष, सरकार देशहित के बिल हर हाल में पारित कराएगी: नरेश बंसल


नई दिल्ली, 7 अगस्त (आईएएनएस)। भाजपा सांसद नरेश बंसल ने संसद में एफसीआरए बिल, विपक्ष के विरोध, परिसीमन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सांसदों के साथ बैठक और मेटा द्वारा पीएम मोदी का वीडियो हटाने के मामले में माफी मांगने के कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार देशहित के कार्यों को हर हाल में आगे बढ़ाएगी।

नई दिल्ली, 7 अगस्त (आईएएनएस)। भाजपा सांसद नरेश बंसल ने संसद में एफसीआरए बिल, विपक्ष के विरोध, परिसीमन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सांसदों के साथ बैठक और मेटा द्वारा पीएम मोदी का वीडियो हटाने के मामले में माफी मांगने के कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार देशहित के कार्यों को हर हाल में आगे बढ़ाएगी।

संसद में एफसीआरए बिल लाए जाने और विपक्ष के विरोध पर नरेश बंसल ने कहा कि सरकार का जो भी काम देशहित में आवश्यक है, वह हर हाल में होगा। लोकतंत्र की परंपरा के अनुसार सत्ता पक्ष और विपक्ष को चर्चा, बहस और संवाद करना चाहिए, लेकिन विपक्ष हठधर्मिता अपना रहा है और संसद को चलने नहीं दे रहा। विपक्ष जनता के हित के कार्यों को रोक रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के सांसदों के प्रश्न सदन में नहीं आने दे रहा। कुछ लोगों की जिद की वजह से सदन को बाधित करने की कोशिश की जा रही है। बेहतर होगा कि विपक्ष चर्चा में भाग लेकर अपने सुझाव दे और बहस को सार्थक बनाए। यदि विपक्ष अपनी जिद पर अड़ा रहेगा तो भी सरकार अपने विधेयक पारित कराएगी।

बंसल ने कहा कि विपक्ष के विरोध का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने दावा किया कि छात्रों की प्रमुख मांगें पूरी हो चुकी हैं, शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है और छात्रों पर मुकदमे दर्ज नहीं किए जाएंगे। जिन लोगों ने आपराधिक गतिविधियां की हैं, उन्हें कानून के अनुसार कार्रवाई का सामना करना होगा। विपक्ष के पास कोई वास्तविक मुद्दा नहीं है और वह नए-नए मुद्दे खड़े करने की असफल कोशिश कर रहा है।

परिसीमन विधेयक पर राहुल गांधी से संपर्क किए जाने के सवाल पर भाजपा सांसद ने कहा कि यह देश की लगभग 50 प्रतिशत आबादी और लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। करीब पांच दशकों से संसद की सीटों की संख्या नहीं बढ़ी, जबकि जनसंख्या कई गुना बढ़ चुकी है। ऐसे में संसदीय सीटों का विस्तार समय की मांग है। सरकार एक साथ दो बड़े कदम उठा रही है, संसद की सीटों में लगभग 50 प्रतिशत वृद्धि और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि वह आधी आबादी के हितों को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर सकारात्मक बहस करे और अपने सुझाव दे। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष केवल विरोध करेगा और विधेयक को पारित नहीं होने देगा तो भविष्य में उसे महिला मतदाताओं के आक्रोश का सामना करना पड़ सकता है।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान और प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर नरेश बंसल ने कहा कि सरसंघचालक मोहन भागवत देशभर का लगातार प्रवास करते हैं और समाज के हर वर्ग से संवाद करते हैं। इसलिए उन्हें देश का मिजाज अच्छी तरह पता होता है। जेनजी के साथ संवाद की देशभर में सराहना हुई है। मोहन भागवत ने एक परिपक्व, राष्ट्रहित और सामाजिक चिंतन करने वाले मार्गदर्शक के रूप में अपने विचार रखे हैं। आज की युवा पीढ़ी तर्क के आधार पर संवाद करते हैं और इसी भावना से भागवत ने अपनी बात रखी।

प्रियंका गांधी की सर्टिफिकेट संबंधी टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि न तो कोई उन्हें प्रमाणपत्र दे रहा है और न ही वह जेएनयू हैं, इसलिए इस तरह की टिप्पणी का कोई औचित्य नहीं है।

दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी की सांसदों के साथ हुई बैठक पर नरेश बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री सभी सांसदों के अभिभावक की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि जब वह पहली बार सांसद बने थे, तब प्रधानमंत्री ने नए सांसदों को बुलाकर उनका परिचय लिया और संसदीय कार्यप्रणाली को लेकर मार्गदर्शन दिया था। प्रधानमंत्री नए सांसदों को संसद की कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी, तैयारी के साथ बोलने, संसदीय मर्यादा का पालन करने और सार्वजनिक जीवन में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। यह मार्गदर्शन पहली बार चुने गए सांसदों के लिए बेहद उपयोगी और सार्थक होता है।

प्रधानमंत्री मोदी का वीडियो हटाने के मामले में मेटा के सीईओ और अधिकारियों द्वारा माफी मांगने पर भाजपा सांसद ने कहा कि यह भारत सरकार की मजबूती का प्रतीक है। चाहे दुनिया की कितनी भी बड़ी तकनीकी कंपनी क्यों न हो, भारत में काम करना है तो भारतीय कानूनों का पालन करना होगा। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई अवांछित सामग्री प्लेटफॉर्म पर आती है तो उसे निर्धारित समय के भीतर हटाना होगा, जबकि वैध और सही सामग्री के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। मेटा ने भी भारत के कानूनों के अनुरूप काम करने का आश्वासन दिया है।

--आईएएनएस

पीएसके

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