तिरुवनंतपुरम, 28 जुलाई (आईएएनएस)। सरकार बदलने के बाद निवेशकों को एक मजबूत संकेत देते हुए, उद्योग मंत्री पी.के. कुन्हालीकुट्टी ने मंगलवार को भरोसा दिलाया कि केरल की औद्योगिक नीतियां स्थिर रहेंगी। उन्होंने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन नीतियां बनी रहती हैं।
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तिरुवनंतपुरम, 28 जुलाई (आईएएनएस)। सरकार बदलने के बाद निवेशकों को एक मजबूत संकेत देते हुए, उद्योग मंत्री पी.के. कुन्हालीकुट्टी ने मंगलवार को भरोसा दिलाया कि केरल की औद्योगिक नीतियां स्थिर रहेंगी। उन्होंने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन नीतियां बनी रहती हैं।
केरल राज्य औद्योगिक विकास निगम (केएसआईडीसी) द्वारा आयोजित उद्योग जगत के नेताओं के साथ एक बैठक में मंत्री ने कहा कि 'इन्वेस्ट केरल' पहल के तहत घोषित सभी प्रोजेक्ट योजना के अनुसार जारी रहेंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नीतियों में निरंतरता राज्य की निवेश रणनीति का मुख्य आधार बनी रहेगी।
सरकार अपने 100-दिन के कार्यक्रम के तहत तीन मुख्य पहल शुरू करेगी। इनमें मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में निवेश सलाहकार परिषद, केएसआईडीसी के तहत 'इन्वेस्ट केरल सेल', और निवेशकों का भरोसा बढ़ाने व औद्योगिक विकास में तेजी लाने के लिए प्रमुख वैश्विक व्यापार केंद्रों में 'केरल डेस्क', पहल शामिल हैं।
कुन्हालीकुट्टी ने कहा कि सरकार केरल को विदेशों से आने वाली कमाई (रेमिटेंस) पर निर्भर अर्थव्यवस्था से बदलकर निवेश-आधारित अर्थव्यवस्था बनाने के लिए एक व्यापक निवेश इकोसिस्टम तैयार कर रही है।
उन्होंने कहा कि नई पहलों को कार्यकारी आदेशों और विधायी उपायों के जरिए अंतिम रूप देने से पहले उद्योग जगत से मिली राय को भी शामिल किया जाएगा।
व्यापारिक माहौल को बेहतर बनाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मंत्री ने कहा कि 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (कारोबार में आसानी) सुधारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि निवेश संवर्धन बोर्ड और निवेश सलाहकार परिषद औद्योगिक विकास को रणनीतिक दिशा देंगे।
उन्होंने कहा, "केरल को अब कारोबार शुरू करने और निवेश करने के लिए सबसे उपयुक्त जगहों में से एक माना जाता है। यह राज्य अब भारत में उद्योगों के लिए पसंदीदा जगह बन गया है।"
बेहतर तकनीक और बुनियादी ढांचे के कारण निवेशकों की शिकायतों में काफी कमी आने का जिक्र करते हुए कुन्हालीकुट्टी ने कहा कि केरल ने सूचना प्रौद्योगिकी और उभरते क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है।
उन्होंने कहा, "अगर हम इन क्षेत्रों में कौशल विकास को और मजबूत कर सकें, तो केरल भारत के सबसे महत्वपूर्ण निवेश स्थलों में से एक के रूप में उभर सकता है।"
उद्यमियों को भरोसा दिलाते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक जुड़ाव की परवाह किए बिना निवेश का स्वागत किया जाएगा। उन्होंने कहा, "राजनीतिक जुड़ाव चाहे जो भी हो, निवेश का स्वागत किया जाएगा, चाहे वे सत्ताधारी पार्टी के समर्थकों की ओर से हों या विपक्ष की ओर से।"
दुबई, लंदन, न्यूयॉर्क, सिंगापुर और टोक्यो में प्रस्तावित विदेशी 'केरल डेस्क' वैश्विक निवेश, खासकर मलयाली समुदाय के लोगों से निवेश आकर्षित करने में मदद करेंगे।
इस बीच, उद्योग जगत के नेताओं ने केरल के निवेश माहौल को और बेहतर बनाने के लिए उद्योगों के लिए राज्य भूमि बैंक बनाने, केएसआईडीसी को वैधानिक दर्जा देने, समयबद्ध तरीके से नियामक मंज़ूरी मिलने, के-एसडब्ल्यूआईएफटी पोर्टल में सुधार, लेबर कोड (श्रम कानून) के कार्यान्वयन पर स्पष्टता और लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को सरल बनाने की मांग की।
--आईएएनएस
एससीएच
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