
सतना में बलात्कार के आरोपी पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सतीश शर्मा को अदालत से भले ही जमानत मिल गई हो, लेकिन उसकी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मामले को अदालत में मजबूती से पेश करने के लिए पुलिस ने सतना बलात्कार आरोपी सतीश शर्मा का ब्लड सैंपल डीएनए जांच के लिए भोपाल भेजा है। डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपी के दोषी या निर्दोष होने की तस्वीर साफ होगी।
उल्लेखनीय है कि सतीश शर्मा के खिलाफ कोलगवां थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर बीएनएस की धारा 64(2)एम एवं 351(3) के तहत मामला दर्ज किया था।
मामला दर्ज होने के बाद आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए थी, लेकिन लगभग 10 महीने तक पुलिस को सतीश शर्मा का कोई सुराग नहीं मिला।
कानूनी लड़ाई: इस दौरान आरोपी अपनी जमानत के लिए जिला अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक प्रयास करता रहा।
सुप्रीम कोर्ट से राहत: सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद सतीश शर्मा कोलगवां थाने में हाजिर हुआ, जहां 15 जुलाई को पुलिस ने औपचारिक गिरफ्तारी कर उसका सैंपल लिया।
जांच प्रक्रिया: जिला अस्पताल में एकत्र किए गए ब्लड सैंपल को भोपाल स्थित क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है। पुलिस पीड़िता के जब्त कपड़ों से आरोपी का डीएनए मैच कराएगी।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि वर्ष 2021 में उसकी पहचान सतीश शर्मा से हुई थी। आरोप है कि जनवरी 2023 में आरोपी ने घर में अकेला पाकर डरा-धमकाकर और पति की नौकरी लगवाने का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए।
इसके बाद भी आरोपी द्वारा धमकाकर संबंध बनाए जाने का आरोप है। पुलिस अब डीएनए रिपोर्ट के आधार पर अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखने की तैयारी कर रही है।
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