
शहडोल. मध्य प्रदेश के शहडोल जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक बेहद बड़ी और राहत भरी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से डॉक्टरों की भारी कमी और स्टाफ की किल्लत से जूझ रहे इस आदिवासी बहुल जिले को अब नई मजबूती मिलने जा रही है। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) के माध्यम से कड़े मुकाबले के बाद चयनित हुए 24 नए मेडिकल ऑफिसरों (चिकित्सा अधिकारियों) को शहडोल जिला आवंटित किया गया है। सबसे खास बात यह है कि सभी 24 नवनियुक्त डॉक्टरों ने बिना किसी देरी के अपनी-अपनी निर्धारित पदस्थापना वाली जगहों पर पहुंचकर पूरी मुस्तैदी से कार्यभार (Join) भी संभाल लिया है। इसके बाद अब जिला अस्पताल से लेकर सुदूर ग्रामीण अंचलों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक मरीजों को समय पर और विश्वस्त इलाज मिलने की उम्मीद काफी बढ़ गई है।
जिला अस्पताल से लेकर ग्रामीण केंद्रों तक तैनाती मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूची और निर्देशों के अनुसार, जिले को मिले इन सभी 24 नए डॉक्टरों को आवश्यकता और मरीजों के दबाव के अनुरूप अलग-अलग स्वास्थ्य संस्थानों में बेहद रणनीतिक तरीके से तैनात किया गया है। इस नई तैनाती से न केवल जिला चिकित्सालय शहडोल की ओपीडी को मजबूती मिलेगी, बल्कि सिविल अस्पताल ब्यौहारी, बुढार और जयसिंहनगर की सेवाएं भी अपग्रेड होंगी।
इसके अतिरिक्त, ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों जैसे—गोहपारू, सिंहपुर, पपौंध, सिरौजा, धनपुरी, जैतपुर, बाणसागर, करकटी, निपनिया और बेलदरा सहित अन्य सुदूर अंचलों के अस्पतालों में भी इन डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है, जिससे जमीनी स्तर पर डॉक्टरों की कमी का संकट लगभग खत्म हो जाएगा।
अब ग्रामीण मरीजों को जिला मुख्यालय भागने से मिलेगी मुक्ति शहडोल जिले के कई ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्र लंबे समय से डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे थे, जिसके कारण मामूली बीमारियों या प्रसव संबंधी दिक्कतों के लिए भी गरीब मरीजों को मीलों दूर जिला मुख्यालय का रुख करना पड़ता था। नए डॉक्टरों की इस बंपर नियुक्ति से अब ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ परामर्श (Specialist Consultation) मिल सकेगा। अस्पतालों में नियमित ओपीडी सेवाएं बेहतर होंगी और आपातकालीन चिकित्सा (Emergency Services), मातृ-शिशु स्वास्थ्य (Maternal and Child Health) सुरक्षा, नियमित टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियानों को भी नई गति और मजबूती मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग का दृढ़ विश्वास है कि इस कदम से सरकारी अस्पतालों के प्रति आम जनता का भरोसा और ज्यादा मजबूत होगा।
सीएमएचओ डॉ. राजेश मिश्रा का बयान:
"मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग से चयनित सभी 24 चिकित्सा अधिकारियों की शहडोल जिले में विधिवत पदस्थापना कर दी गई है और सभी ने ग्राउंड पर काम करना शुरू कर दिया है। इससे जिले में चिकित्सकों की उपलब्धता का संकट दूर होगा और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सकेगा। हमारा मुख्य लक्ष्य जिले के आखिरी छोर पर बैठे व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, जिसमें यह नई टीम मील का पत्थर साबित होगी।"
Leave A Reviews