
छिंदवाड़ा से शनिवार दोपहर को एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ परासिया रोड पर स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में कुछ बदमाशों द्वारा बैंक लूट की कोशिश का एक बड़ा और खौफनाक मामला सामने आया है। हालांकि, मुस्तैद स्थानीय नागरिकों और पुलिस की सूझबूझ से बदमाशों के इस मंसूबे को समय रहते पूरी तरह नाकाम कर दिया गया। इस दौरान भीड़ और पुलिस ने मिलकर एक आरोपी को रंगे हाथों दबोच लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना शनिवार दोपहर की है। चूंकि शनिवार होने के कारण बैंक ऑफ इंडिया की यह शाखा बंद थी, इसी का फायदा उठाने के लिए दो शातिर आरोपी लूट के इरादे से वहां पहुंचे थे। उन्होंने बैंक के आसपास सुरक्षा घेरे को तोड़ने और वहां लोगों के बीच दहशत और हंगामा फैलाने के लिए अचानक तेज आवाज वाले रस्सी बम का इस्तेमाल किया।
बम फटने की आवाज और बैंक के बाहर संदिग्ध गतिविधियां देखकर आसपास के दुकानदार और राहगीर तुरंत अलर्ट हो गए। स्थानीय लोगों ने बिना डरे मुस्तैद मोर्चा संभाला और तुरंत कोतवाली पुलिस को सूचना दी।

खुद को चारों तरफ से घिरता देख और भीड़ के चंगुल से छूटकर भागने के प्रयास में एक आरोपी ने अपने पास रखे नुकीले और धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले में ड्यूटी पर तैनात सब-इंस्पेक्टर (SI) नारायण बघेल के हाथ में गंभीर चोट आई है।
इस हिंसक झड़प के बाद वहां मौजूद उग्र भीड़ ने साहस दिखाते हुए आरोपी को दबोच लिया और जमकर धुनाई करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया। कोतवाली थाना पुलिस घायल एसआई को अस्पताल भेजने के साथ ही पकड़े गए मुख्य आरोपी को हिरासत में लेकर थाने आई है।
इस नाकाम बैंक लूट की कोशिश के बाद पूरे शहर में नाकाबंदी कर दी गई है। पुलिस गिरफ्त में आए आरोपी से बेहद कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरी साजिश के पीछे छिपे मास्टरमाइंड और उनके पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
इसके साथ ही, वारदात को अंजाम देने के ठीक बाद मौके से फरार हुए उसके दूसरे साथी की तलाश में कोतवाली पुलिस और क्राइम ब्रांच की कई टीमें शहर के अलग-अलग ठिकानों और लॉज में लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही दूसरे आरोपी को भी सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
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