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शहडोल में गांजा तस्कर को गिरफ्तार न करने पर ब्यौहारी थाने के SI निलंबित


शहडोल जिले से कानून व्यवस्था और पुलिस महकमे से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले के ब्यौहारी थाने में पदस्थ उपनिरीक्षक (एसआई) वीरेंद्र तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने गांजा तस्करी के एक पुराने मामले में लंबे समय से फरार चल रहे एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार करने में लापरवाही बरती। यह कड़ी विभागीय कार्रवाई तब अमल में लाई गई, जब हाल ही में जयसिंहनगर क्षेत्र में हुई गांजे की एक बहुत बड़ी खेप की जब्ती में उसी फरार आरोपी का नाम दोबारा मुख्य तस्कर के रूप में सामने आया।

इस पूरे मामले का खुलासा बीते 30 मई को हुआ, जब जयसिंहनगर थाना पुलिस ने मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर एक बड़ी छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने राहुल कुमार चर्मकार नाम के एक आरोपी को रंगे हाथों दबोचा, जिसके पास से करीब साढ़े तीन क्विंटल (350 किलोग्राम) अवैध गांजा जब्त किया गया। पुलिस ने मौके से तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे दो वाहनों को भी जब्त किया, हालांकि कार्रवाई के दौरान पुलिस को चकमा देकर वाहन में सवार तीन अन्य आरोपी मौके से भागने में सफल रहे।

गिरफ्तार किए गए तस्कर राहुल कुमार चर्मकार से जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने फरार साथियों के बारे में कई चौंकाने वाले खुलासे किए। राहुल ने पुलिस को बताया कि इस अवैध गांजा परिवहन में उसके साथ कन्हैयालाल जायसवाल (निवासी ग्राम चंदेला, थाना जयसिंहनगर) और दो अन्य लोग शामिल थे। जब पुलिस ने कन्हैयालाल जायसवाल के रिकॉर्ड की जांच की, तो पता चला कि वह ब्यौहारी थाने में दर्ज गांजा तस्करी के एक पुराने मामले में भी वांछित था और काफी समय से फरार चल रहा था।

चौंकाने वाली बात यह है कि ब्यौहारी थाने के उस पुराने मामले की विवेचना और केस डायरी की पूरी जिम्मेदारी उपनिरीक्षक वीरेंद्र तिवारी के पास थी। एसआई तिवारी पर आरोप है कि उन्होंने कन्हैयालाल की गिरफ्तारी के लिए कोई भी ठोस या प्रभावी कदम नहीं उठाया, जिसके कारण वह खुलेआम घूमता रहा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यदि उपनिरीक्षक तिवारी ने समय रहते आरोपी को दबोच लिया होता, तो वह दोबारा इतनी बड़ी मात्रा में गांजे की तस्करी करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता।

कर्तव्य निर्वहन में इस गंभीर लापरवाही, उदासीनता और तस्कर को खुला छोड़ने के चलते शहडोल पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने उपनिरीक्षक वीरेंद्र तिवारी को सस्पेंड कर दिया है। फिलहाल इस मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है, वहीं दूसरी ओर जयसिंहनगर पुलिस की अलग-अलग टीमें कन्हैयालाल जायसवाल सहित अन्य फरार तस्करों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं।

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