
सीधी जिले अंतर्गत सिहावल क्षेत्र में मंगलवार दोपहर एक मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां अकड़ा नाले के समीप घनी झाड़ियों के बीच लावारिस हालत में पड़ी एक नवजात बच्ची को सुरक्षित बरामद किया गया है। जानकारी के अनुसार, गांव के कुछ स्थानीय ग्रामीण नाले के आसपास छुही (सफेद) मिट्टी की खुदाई करने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्हें अचानक झाड़ियों के भीतर से किसी मासूम बच्चे के बिलख-बिलख कर रोने की आवाज सुनाई दी। जब ग्रामीणों ने पास जाकर देखा तो कंटीली झाड़ियों के बीच एक नवजात बच्ची जमीन पर पड़ी रो रही थी। ग्रामीणों ने बिना देर किए तत्काल डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को मामले की सूचना दी।
सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम फौरन घटनास्थल पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से मासूम को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिसकर्मियों ने बच्ची को फौरन अपने संरक्षण में लिया और बिना समय गंवाए उपचार के लिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिहावल पहुंचाया। घटना की खबर फैलते ही मौके पर और अस्पताल परिसर में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिहावल में मौजूद ड्यूटी डॉक्टर रिकेश शर्मा और पैरामेडिकल स्टाफ ने बच्ची को तुरंत इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण किया। खुले में पड़े रहने और ठंड व धूल की वजह से बच्ची की सांस लेने की गति प्रभावित हो रही थी, जिसके चलते चिकित्सकों ने उसे तत्काल ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा और जरूरी जीवनरक्षक दवाइयां दीं।
डॉ. रिकेश शर्मा ने बताया कि बच्ची का स्वास्थ्य परीक्षण करने और प्राथमिक स्थिति स्थिर करने के बाद बेहतर और सघन बाल चिकित्सा देखभाल के लिए उसे एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल सीधी के लिए रेफर कर दिया गया। वर्तमान में नवजात बच्ची को जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में डॉक्टरों की सीधी निगरानी में रखा गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
नवजात बच्ची को इस तरह लावारिस और असुरक्षित हालात में नाले के किनारे फेंकने के मामले में पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। सिहावल पुलिस चौकी प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह बघेल ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात परिजनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नवजात को किन परिस्थितियों में वहां छोड़ा गया और इस कृत्य के लिए कौन जिम्मेदार है।
चौकी प्रभारी के अनुसार, पुलिस टीम आसपास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, निजी नर्सिंग होम, उप-स्वास्थ्य केंद्रों और आशा कार्यकर्ताओं से संपर्क कर पिछले कुछ दिनों में हुए प्रसव और नवजात शिशुओं का ब्योरा जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मासूम को झाड़ियों में फेंकने वाले माता-पिता या अन्य दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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