
सीधी, मध्य प्रदेश। जिले के पड़ेनिया स्थित प्रताप गैस एजेंसी पर पिछले कई दिनों से जारी घरेलू गैस की भारी किल्लत ने अब जनाक्रोश का रूप ले लिया है। गुरुवार शाम को अपनी समस्याओं के निराकरण न होने से नाराज उपभोक्ताओं ने विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने राज्य मंत्री राधा सिंह के काफिले को बीच सड़क पर रोककर जमकर नारेबाजी की और अपनी पीड़ा व्यक्त की।
घटना उस समय हुई जब राज्य मंत्री राधा सिंह का काफिला पड़ेनिया क्षेत्र से गुजर रहा था। गैस सिलेंडर न मिलने से परेशान महिलाओं ने हिम्मत दिखाते हुए मंत्री के वाहन के सामने खाली गैस सिलेंडर रख दिए। इस अचानक हुए घटनाक्रम के कारण मंत्री का काफिला करीब 10 मिनट तक मौके पर ही थमा रहा। बीच सड़क पर प्रदर्शन होने की वजह से मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने आरोप लगाया कि वे पिछले 10 से 15 दिनों से रसोई गैस के लिए दर-दर भटक रही हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि उनके मोबाइल पर बुकिंग का ओटीपी तो आ जाता है, लेकिन जब वे एजेंसी पहुंचते हैं, तो उन्हें स्टॉक खत्म होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है। 10 दिनों से अधिक की देरी के कारण कई घरों में भोजन बनाने का संकट खड़ा हो गया है।
इस पूरे मामले में एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब शुक्रवार को घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि महिलाएं मंत्री की गाड़ी घेरे खड़ी हैं और स्थानीय नेता उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, राज्य मंत्री राधा सिंह ने हंगामे की बात से पूरी तरह इनकार किया है। उन्होंने मीडिया से चर्चा में कहा कि ट्रैफिक जाम की वजह से उनका वाहन महज एक मिनट के लिए रुका था और उनके खिलाफ कोई प्रदर्शन नहीं हुआ।
दूसरी ओर, विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। एनएसयूआई (NSUI) के प्रदेश सचिव विक्रांत सिंह ने कहा कि जिले में गैस के बढ़ते दाम और किल्लत से जनता त्राहि-माम कर रही है। उन्होंने मंत्री पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि महिलाएं सड़क पर रो रही थीं और मंत्री अपनी गाड़ी से नीचे उतरकर उनकी बात सुनने तक नहीं आईं।
इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और प्रताप गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। ओटीपी आने के बावजूद सिलेंडर वितरण में हो रही देरी कालाबाजारी की आशंका को भी जन्म दे रही है। फिलहाल, टीआई और स्थानीय पुलिस ने हस्तक्षेप कर रास्ता साफ कराया है, लेकिन महिलाओं का कहना है कि यदि जल्द ही गैस आपूर्ति सुचारू नहीं हुई, तो वे कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगी।
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