
सिंगरौली जिले अंतर्गत माड़ा थाना क्षेत्र में एक जनपद सदस्य के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के मामले में आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है। पीड़ित बालकराम साकेत की लिखित शिकायत पर माड़ा थाना पुलिस ने जनपद सदस्य रणधीर सिंह के विरुद्ध अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित बालकराम साकेत का आरोप है कि शनिवार को जनपद सदस्य रणधीर सिंह ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, धक्का-मुक्की और मारपीट की तथा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गालियां दीं। साथ ही शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसे पुलिस ने अपनी जांच में शामिल किया है।
इधर, अपने ऊपर लगे आरोपों को जनपद सदस्य रणधीर सिंह ने सिरे से खारिज करते हुए इसे सुनियोजित साजिश बताया है:
दबाव में शिकायत का आरोप: रणधीर सिंह का कहना है कि क्षेत्र के समिति सेवक विवेक सिंह परिहार के राजनीतिक और व्यक्तिगत दबाव के कारण उनके खिलाफ यह झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है।
नशे के कारोबार पर रार: समिति सेवक विवेक सिंह परिहार ने जनपद सदस्य पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि रणधीर सिंह और उनके समर्थक क्षेत्र में रात के समय अवैध मादक पदार्थों और नशे का कारोबार संचालित कराते हैं, और विरोध करने पर धमकियां देते हैं।
पलटवार: रणधीर सिंह ने इस आरोप पर पलटवार करते हुए उल्टा विवेक सिंह परिहार पर ही क्षेत्र में अवैध नशे के नेटवर्क को संरक्षण देने का आरोप मढ़ा है।
मामले की गंभीरता और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को देखते हुए पुलिस सतर्क हो गई है।
माड़ा थाना प्रभारी शिवपूजन मिश्रा ने बताया कि वे रविवार को पुलिस बल के साथ खुद घटनास्थल पर पहुंचे और आसपास के चश्मदीदों व ग्रामीणों से गहन पूछताछ की। थाना प्रभारी के अनुसार, पुलिस निष्पक्षता से जांच कर रही है कि विवाद की मूल वजह क्या थी, मारपीट की घटना वास्तव में किस परिस्थिति में हुई और वायरल वीडियो की सत्यता क्या है। दोनों पक्षों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
Leave A Reviews