Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

सीवर व्यवस्था से जुड़ी दो परियोजनाओं का शिलान्यास, 60 हजार से ज्यादा लोगों को फायदा


नोएडा, 11 सितंबर (आईएएनएस)। शहर में बढ़ती आबादी के साथ सीवर व्यवस्था पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-56 और सेक्टर-51 के लिए दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत की है। शुक्रवार को सांसद डॉ. महेश शर्मा और विधायक पंकज सिंह की मौजूदगी में सेक्टर-56 में नवनिर्मित संपवेल का लोकार्पण किया गया, जबकि सेक्टर-51 में प्रस्तावित नए संपवेल का शिलान्यास किया गया।

नोएडा, 11 सितंबर (आईएएनएस)। शहर में बढ़ती आबादी के साथ सीवर व्यवस्था पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-56 और सेक्टर-51 के लिए दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत की है। शुक्रवार को सांसद डॉ. महेश शर्मा और विधायक पंकज सिंह की मौजूदगी में सेक्टर-56 में नवनिर्मित संपवेल का लोकार्पण किया गया, जबकि सेक्टर-51 में प्रस्तावित नए संपवेल का शिलान्यास किया गया।

प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, दोनों परियोजनाओं के पूरा होने से संबंधित सेक्टरों में सीवर निस्तारण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इन दोनों सेक्टरों और उनसे जुड़े क्षेत्रों में करीब 60 हजार लोग रहते हैं। सेक्टर-56 में तैयार किए गए संपवेल की क्षमता 5 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) है। इसके निर्माण पर नोएडा प्राधिकरण की ओर से करीब 1.43 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। संपवेल के शुरू होने के बाद सेक्टर-56 से निकलने वाले सीवर को व्यवस्थित तरीके से सेक्टर-55 स्थित सीवर पंपिंग स्टेशन तक पहुंचाया जाएगा।

यहां से सीवर को सेक्टर-54 स्थित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में भेजकर उसका उपचार किया जाएगा। प्राधिकरण का दावा है कि इस व्यवस्था के शुरू होने से सेक्टर-56 में लंबे समय से सामने आ रही सीवर संबंधी समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा। वहीं, सेक्टर-51 में प्रस्तावित संपवेल की क्षमता 8 एमएलडी निर्धारित की गई है। इसके निर्माण पर करीब 4.83 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यह संपवेल सेक्टर-51 पार्ट-बी के साथ ही केंद्रीय विहार, होशियारपुर तथा डी-11 और डी-10 ड्रेन से जुड़े सीवर के निस्तारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इन क्षेत्रों से आने वाले सीवर को नए संपवेल से जोड़ा जाएगा।

इसके बाद सीवर को एसटीपी-50 भेजा जाएगा, जहां वैज्ञानिक तरीके से उसका ट्रीटमेंट किया जाएगा। प्राधिकरण के अनुसार, सेक्टर-51 में प्रस्तावित संपवेल की योजना तैयार करते समय आसपास के क्षेत्रों में भविष्य में बढ़ने वाले सीवर लोड को भी ध्यान में रखा गया है। बढ़ती आबादी और लगातार हो रहे आवासीय विकास के कारण कई क्षेत्रों में सीवर नेटवर्क पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में संपवेल के माध्यम से सीवर को एकत्र कर पंपिंग स्टेशन और एसटीपी तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि सेक्टर-51 में प्रस्तावित व्यवस्था राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य सीवर के अनियंत्रित बहाव को रोकने के साथ ही उसे उपचार संयंत्र तक पहुंचाकर मानकों के अनुरूप ट्रीटमेंट कराना है। इससे जल प्रदूषण की रोकथाम में भी मदद मिलने की उम्मीद है। दोनों परियोजनाओं को शहर की सीवर व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सेक्टर-56 में संपवेल के संचालन से तत्काल राहत मिलने की उम्मीद है, जबकि सेक्टर-51 में निर्माण पूरा होने के बाद आसपास के कई इलाकों को लाभ मिलेगा। प्राधिकरण का कहना है कि नई व्यवस्था से सीवर ओवरफ्लो और जलभराव जैसी समस्याओं पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी। साथ ही बढ़ती आबादी के कारण भविष्य में सीवर निस्तारण को लेकर पैदा होने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए भी आधार तैयार होगा।

--आईएएनएस

पीकेटी/डीकेपी

Date & Time : 2026-09-11 18:15:02

Share:

Leave A Reviews

Related News