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सूखाग्रस्त किसानों की मदद के लिए आगे आए विधायक शंकर जगताप, मुख्यमंत्री राहत कोष में दिए 11 लाख रुपए


पिंपरी-चिंचवड, 1 नवंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में कम बारिश और सूखे जैसी स्थिति से जूझ रहे किसानों की सहायता के लिए सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर प्रयास तेज हो गए हैं। इसी क्रम में चिंचवड विधानसभा क्षेत्र के विधायक शंकर जगताप और चंद्ररंग डेवलपर्स एंड बिल्डर्स के प्रमुख विजू सेठ जगताप ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 11 लाख रुपए का योगदान देकर किसानों के प्रति संवेदनशीलता का परिचय दिया है।

पिंपरी-चिंचवड, 1 नवंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में कम बारिश और सूखे जैसी स्थिति से जूझ रहे किसानों की सहायता के लिए सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर प्रयास तेज हो गए हैं। इसी क्रम में चिंचवड विधानसभा क्षेत्र के विधायक शंकर जगताप और चंद्ररंग डेवलपर्स एंड बिल्डर्स के प्रमुख विजू सेठ जगताप ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 11 लाख रुपए का योगदान देकर किसानों के प्रति संवेदनशीलता का परिचय दिया है।

विधायक शंकर जगताप और विजू सेठ जगताप ने 11 लाख रुपए की सहायता राशि का चेक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सौंपा। यह राशि मुख्यमंत्री सहायता निधि के माध्यम से सूखाग्रस्त किसानों तक राहत पहुंचाने के उद्देश्य से दी गई है। इस अवसर पर एडवोकेट सखाराम कोलसे पाटिल, निलेश पवार, प्रवीण जगताप समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

इस मौके पर विधायक शंकर जगताप ने कहा कि बारिश की कमी के कारण किसानों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। फसलों को हुए नुकसान ने कृषि पर निर्भर परिवारों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए सूखा केवल पानी की कमी का संकट नहीं है, बल्कि यह उनके परिवार के जीवन-यापन और भविष्य से जुड़ी गंभीर समस्या बन जाता है।

उन्होंने बताया कि अचानक बारिश रुक जाने से कई क्षेत्रों में फसलें प्रभावित हुई हैं, जिससे किसानों की आय में गिरावट आई है और उन पर कर्ज तथा आर्थिक दबाव बढ़ा है। ऐसे समय में किसानों को केवल सहानुभूति नहीं, बल्कि वास्तविक और ठोस सहायता की आवश्यकता है।

शंकर जगताप ने कहा कि कृषि क्षेत्र देश और राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। जब तक किसान आर्थिक रूप से मजबूत नहीं होगा, तब तक ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती नहीं मिल सकती। उन्होंने कहा कि सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री सहायता निधि में यह योगदान दिया गया है, ताकि जरूरतमंद किसानों तक जल्द राहत पहुंच सके।

उन्होंने उम्मीद जताई कि समाज के अन्य सक्षम वर्ग, उद्योग समूह और सामाजिक संस्थाएं भी आगे आकर किसानों की मदद के लिए योगदान देंगी, जिससे संकटग्रस्त किसानों को राहत मिल सके और उनका मनोबल बढ़े।

--आईएएनएस

एएमटी/वीसी

Date & Time : 2026-11-01 23:30:03

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