
उमरिया. मध्य प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (BTR) से एक विचलित करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के मानपुर बफर परिक्षेत्र में गंभीर रूप से बीमार मिली एक 5 वर्षीय बाघिन की उपचार के दौरान मौत हो गई। बाघिन की नाक से लगातार खून बह रहा था, जिसे बचाने के लिए वन विभाग की टीम ने अथक प्रयास किए, लेकिन अंततः उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
घटनाक्रम के अनुसार, 15 मार्च को मानपुर बफर परिक्षेत्र के दमना राजस्व क्षेत्र में गश्त कर रहे वन अमले ने बाघिन को शिकार करते हुए देखा था। निगरानी के दौरान टीम ने गौर किया कि बाघिन की शारीरिक स्थिति सामान्य नहीं है। बारीकी से देखने पर पता चला कि बाघिन बीमार है और उसके दोनों नथुनों (नाक) से रक्तस्राव हो रहा है।
बाघिन की नाजुक हालत को देखते हुए पार्क प्रबंधन ने तत्काल उसे रेस्क्यू करने का निर्णय लिया। उसे सुरक्षित रूप से मगधी परिक्षेत्र के एक बाड़े में शिफ्ट किया गया, जहाँ वन्यजीव चिकित्सकों की विशेष टीम ने उसका गहन उपचार शुरू किया।
फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय का बयान: "बाघिन को बचाने के लिए हर संभव चिकित्सकीय सहायता प्रदान की गई थी। उसके दोनों नाक से खून बह रहा था, जो किसी गंभीर आंतरिक बीमारी या संक्रमण का संकेत हो सकता है। उपचार के बावजूद उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और बुधवार को उसने दम तोड़ दिया।"
टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, बुधवार को बाघिन के शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद वन अधिकारियों की उपस्थिति में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। फिलहाल, वन विभाग पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि बाघिन को कोई घातक बीमारी थी या उसकी नाक से खून बहने का कारण कुछ और था।
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