Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी वीजा में कथित धोखाधड़ी की जांच शुरू की, बड़ी कंपनियां भी रडार पर


वॉशिंगटन, 8 जुलाई (आईएएनएस)। ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी और 'पर्म' रोजगार वीजा से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामलों की जांच शुरू कर दी है। अमेरिका के श्रम विभाग के इंस्पेक्टर जनरल ने बताया कि जांचकर्ताओं ने मजदूरों की तस्करी और विदेशी कर्मचारियों से जुड़े कार्यक्रमों के गलत इस्तेमाल की आशंका में बड़े स्तर पर जांच शुरू की है और इसके तहत दर्जनों सबपोना नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

वॉशिंगटन, 8 जुलाई (आईएएनएस)। ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी और 'पर्म' रोजगार वीजा से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामलों की जांच शुरू कर दी है। अमेरिका के श्रम विभाग के इंस्पेक्टर जनरल ने बताया कि जांचकर्ताओं ने मजदूरों की तस्करी और विदेशी कर्मचारियों से जुड़े कार्यक्रमों के गलत इस्तेमाल की आशंका में बड़े स्तर पर जांच शुरू की है और इसके तहत दर्जनों सबपोना नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

श्रम विभाग के इंस्पेक्टर जनरल एंथनी डी'एस्पोसिटो ने कहा कि यह जांच विदेशी श्रम से जुड़े कथित धोखाधड़ी के खिलाफ इंस्पेक्टर जनरल के दफ्तर की अब तक की सबसे सख्त कार्रवाइयों में से एक होगी।

उन्होंने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा, "इसमें कोई शक नहीं है कि यह प्रशासन विदेशी श्रम धोखाधड़ी के खिलाफ अब तक की सबसे आक्रामक कार्रवाई करेगा। हमने पहले ही दर्जनों सबपोना जारी कर दिए हैं।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की फ्रॉड टास्क फोर्स की मदद से हर सुराग की जांच की जाएगी। डी'एस्पोसिटो ने कहा क‍ि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हर सुराग तक पहुंचा जाए।

उन्होंने बताया कि कुछ व्हिसलब्लोअर्स ने 'कॉग्निजेंट जैसी बड़ी कंपनियों' से जुड़े मामलों की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि जांच आगे बढ़ने पर उनकी टीम राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की फ्रॉड टास्क फोर्स के साथ मिलकर काम करेगी।

डी'एस्पोसिटो का आरोप है कि विदेशी श्रम कार्यक्रमों में होने वाली धोखाधड़ी का संबंध बड़े आपराधिक नेटवर्क से भी हो सकता है।

उन्होंने कहा, "यह एक और उदाहरण है कि कैसे धोखाधड़ी हिंसक अपराधों को बढ़ावा देती है। विदेशी श्रम से जुड़े कई वीजा और मानव तस्करी के मामले ड्रग कार्टेल और अंतरराष्ट्रीय गैंग से जुड़े होते हैं। यह काम सिर्फ अमेरिका को सुरक्षित बनाने के लिए ही नहीं, बल्कि लोगों के लिए इसे अधिक किफायती बनाने के लिए भी जरूरी है।"

उन्होंने कहा कि कथित धोखाधड़ी सिर्फ फैक्ट्रियों जैसे क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। ये सिर्फ फैक्ट्रियों में काम करने वाले लोग नहीं हैं। ऐसे लोग मेडिकल सुविधाओं और डॉक्टरों के क्लीनिकों में भी काम कर रहे हैं, जिससे लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। यहां तक कि इससे किसी की जान भी जा सकती है।

उन्होंने बताया कि जांच में अमेरिका के अलग-अलग हिस्सों में फैक्ट्रियों, बंदरगाहों, अस्पतालों और नर्सिंग सुविधाओं से जुड़े मामलों की भी जांच होगी। इंस्पेक्टर जनरल ने कहा कि यह जांच न्याय विभाग और फेडरल प्रॉसिक्यूटर के साथ मिलकर की जा रही है। जो लोग धोखाधड़ी कर रहे हैं, उन्हें ढूंढ़ा जाएगा, उनकी जांच होगी, उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा और जेल भेजा जाएगा।

डी'एस्पोसिटो ने यह भी कहा कि इस जांच का एक मकसद यह सुनिश्चित करना है कि रोजगार आधारित वीज़ा कार्यक्रमों के गलत इस्तेमाल की वजह से अमेरिकी कर्मचारियों की नौकरियां प्रभावित न हों।

--आईएएनएस

एवाई/डीकेपी

Share:

Leave A Reviews

Related News