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ट्विशा को न्याय दिलाने के लिए लिए' मैं हमेशा उनके परिवार के साथ खड़ी हूं': डॉ. तरीषा शंकर


पुणे, 19 मई (आईएएनएस)। इंदिरा यूनिवर्सिटी की चांसलर डॉ. तरीषा शंकर ने ट्विशा शर्मा मौत मामले में प्रतिक्रिया देते एक भावुक बयान जारी किया है। उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि मैं ट्विशा शर्मा को न्याय दिलाने के लिए में हमेशा उनके परिवार के साथ खड़ी रहूंगी।

पुणे, 19 मई (आईएएनएस)। इंदिरा यूनिवर्सिटी की चांसलर डॉ. तरीषा शंकर ने ट्विशा शर्मा मौत मामले में प्रतिक्रिया देते एक भावुक बयान जारी किया है। उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि मैं ट्विशा शर्मा को न्याय दिलाने के लिए में हमेशा उनके परिवार के साथ खड़ी रहूंगी।

डॉ. तरीषा शंकर ने अपने बयान में जोर देते हुए कहा कि वह अकेली नहीं हैं, बल्कि पूरा देश इस लड़ाई में उनके और पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। पारिवारिक रिश्तों और जुड़ाव का जिक्र करते हुए चांसलर ने कहा कि पीड़िता (ट्वीशा) उनके परिवार का एक अहम हिस्सा रही हैं। इस नाते वह हर कदम पर परिवार को अपना पूरा सहयोग देंगी।

वहीं, मध्य प्रदेश में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। मंगलवार को ट्विशा के परिवार ने एक बार फिर मामले में दूसरा पोस्टमॉर्टम कराने और जांच को मध्य प्रदेश से बाहर दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग तेज कर दी।

परिवार का आरोप है कि इस पूरे मामले में प्रभावशाली लोगों का दबाव है, जांच को प्रभावित किया जा रहा है, और न्यायिक प्रक्रिया में भी हस्तक्षेप हो रहा है।

ट्विशा शर्मा की मां रेखा शर्मा ने आईएएनएस से कहा कि पिछले कई दिनों से उनका परिवार इंसाफ के लिए दर-दर भटक रहा है, लेकिन कहीं भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही।

उन्होंने कहा, "मैं दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग कर रही हूं और चाहती हूं कि हमारा केस जल्द से जल्द दिल्ली ट्रांसफर किया जाए। यहां हमारी कोई मदद नहीं कर रहा है। पिछले 5-6 दिनों से हम रोज अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही।"

वहीं, ट्विशा के पिता ने दूसरे पोस्टमॉर्टम की अनुमति नहीं मिलने पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पहले इस जांच की अनुमति दी गई थी, लेकिन बाद में उसे रोक दिया गया, जो साफ तौर पर प्रभाव और दबाव को दिखाता है।

ट्विशा के पिता ने कहा, "अगर मामला कमिश्नर के अधिकार क्षेत्र में था तो अनुमति पहले कैसे मिल गई और बाद में क्यों रोक दी गई? यह साफ तौर पर प्रभाव का मामला है। न्यायिक प्रक्रिया में किसी के अधिकारों में दखल देना गलत है।"

उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों ने पूरे मामले को अपने पक्ष में मोड़ लिया है और जांच को प्रभावित कर रहे हैं।

--आईएएनएस

एमएस/

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