
उज्जैन: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अपने गृह नगर उज्जैन प्रवास के दौरान एक बेहद सादगी भरा अंदाज देखने को मिला, जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। मुख्यमंत्री सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के अंतर्गत शहर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का जायजा लेने के लिए बिना किसी बड़े वीआईपी लाव-लश्कर के ही सड़कों पर निकल पड़े। इस दौरान वे कभी दोपहिया वाहन पर सवार दिखे तो कभी पैदल मार्च करते नजर आए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन के फ्रीगंज में निर्माणाधीन नए ओवरब्रिज और कोयला फाटक से लेकर कंठाल चौराहे तक चल रहे मार्ग चौड़ीकरण के कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देश दिए कि सिंहस्थ-2028 से जुड़े जितने भी काम अभी अधूरे हैं, उनकी गति बढ़ाई जाए। सीएम डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने कहा कि सभी निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
इस निरीक्षण के दौरान उज्जैन की सड़कों पर एक बेहद संवेदनशील वाकया देखने को मिला। जब मुख्यमंत्री पैदल मार्च करते हुए आगे बढ़ रहे थे, तब स्थानीय पुलिसकर्मियों ने उनकी सुरक्षा को देखते हुए आम जनता का ट्रैफिक रोक दिया था। जैसे ही सीएम डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) की नजर सड़क पर फंसे और परेशान होते लोगों पर पड़ी, उन्होंने तुरंत पुलिसकर्मियों को डांटते हुए कहा, "ट्रैफिक मत रोको भाई, जाने दो, निकल जाने दो।" मुख्यमंत्री के इस वीआईपी कल्चर विरोधी अंदाज की स्थानीय लोगों ने खूब सराहना की।
दौरे के बीच मुख्यमंत्री ने आम जनता के साथ बैठकर चाय की चुस्की ली और उनसे आत्मीय बातचीत की। इसके साथ ही उन्होंने पवित्र सावन-भादौ महीने में निकलने वाली बाबा महाकाल की शाही सवारी के सुगम प्रबंधन को लेकर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सवारी के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन और आवागमन में कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए।
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