
उमरिया. मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान से सटे इलाकों में वन्यजीवों की मौजूदगी अक्सर देखने को मिलती है. शुक्रवार शाम सामान्य वन मंडल के घुनघुटी रेंज अंतर्गत ग्राम मझगंवा के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग-43 (NH-43) पर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक विशालकाय बाघ अचानक सड़क किनारे आ पहुंचा. सड़क के ठीक पास बाघ को देखते ही राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोनों ओर से आ रहे वाहनों पहिए थम गए और राहगीरों में कौतूहल के साथ-साथ दहशत फैल गई.
वीडियो बनाने की होड़ में पास पहुंचे राहगीर, बाघ ने दिखाई आक्रामकता
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाघ सड़क किनारे जंगल की झाड़ियों के पास आराम से घूम रहा था. इसी दौरान सड़क से गुजर रहे कुछ वाहन चालकों ने गाड़ी रोक दी. वन्यजीव को करीब से देखने और अपने मोबाइल फोन में उसका वीडियो कैद करने के चक्कर में कुछ लोग वाहन को बाघ के बेहद करीब ले गए.
अचानक वाहनों के इतने पास आने और लोगों के शोर-शराबे से बाघ असहज हो गया. खुद को घिरा देखकर बाघ ने आक्रामक रुख अपनाया और सीधे वाहन की तरफ कदम बढ़ा दिए. बाघ को अपनी ओर आते देख चालक ने तुरंत खतरे को भांपा और गाड़ी की रफ्तार बढ़ाकर मौके से भाग निकला, जिसके बाद बाघ वापस जंगल की ओर लौट गया.
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पड़ सकती है भारी
राष्ट्रीय राजमार्ग पर इस तरह वन्यजीवों को घेरने और उनके पास जाकर फोटो-वीडियो बनाने की लापरवाही पर वन्यजीव विशेषज्ञों ने गहरी चिंता जताई है. विशेषज्ञों के अनुसार:
सुरक्षात्मक हमला: वन्यजीवों के ज्यादा करीब जाने, उनका पीछा करने या हॉर्न बजाने से वे घबरा जाते हैं और अपने बचाव में हमला कर सकते हैं.
दूरी बनाए रखना जरूरी: वन क्षेत्र से गुजरने वाले हाईवे पर वाहन चालकों को अपनी गति धीमी रखनी चाहिए और वन्यजीव दिखने पर सुरक्षित दूरी बनाकर रखनी चाहिए.
वाहन से बाहर न निकलें: बाघ या किसी अन्य हिंसक जानवर के दिखने पर वाहन का शीशा बंद रखना चाहिए और गाड़ी से नीचे उतरने की गलती बिल्कुल नहीं करनी चाहिए.
वन विभाग से निगरानी बढ़ाने की मांग
स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने वन विभाग से मांग की है कि एनएच-43 के मझगंवा और घुनघुटी क्षेत्र जैसे संवेदनशील हिस्सों में गश्त बढ़ाई जाए. साथ ही हाईवे पर चेतावनी बोर्ड लगाकर राहगीरों को जागरूक किया जाए, ताकि इंसान और वन्यजीवों के बीच किसी भी संभावित टकराव को टाला जा सके.
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