
उमरिया जिले अंतर्गत उमरिया वन परिक्षेत्र के बिलाईकाप इलाके में एक खेत की तार फेंसिंग में फंसे जंगली सूअर को बचाने के दौरान दो वनरक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए। सूअर को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए चलाए गए जटिल रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान तार से अलग होते ही जंगली सूअर ने अचानक आक्रामक रुख अपनाते हुए रेस्क्यू टीम पर धावा बोल दिया। हमले में वनरक्षक उमेश सिंह और शैलेंद्र सिंह चोटिल हो गए। गंभीर रूप से घायल उमेश सिंह को तत्काल उपचार के लिए उमरिया जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
घटनाक्रम के अनुसार, बिलाईकाप क्षेत्र स्थित एक कृषि फार्म की सुरक्षा के लिए लगाई गई तार फेंसिंग (बाड़) में एक जंगली सूअर बुरी तरह उलझ गया था। काफी देर तक तड़पने और बाहर निकलने के असफल प्रयासों के बाद जब सूअर और अधिक फंस गया, तो स्थानीय ग्रामीणों ने मामले की सूचना तुरंत वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही उमरिया वन परिक्षेत्र की रेस्क्यू टीम आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची और सूअर को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अभियान शुरू किया।
वन अमले ने काफी मशक्कत और सूझबूझ के साथ तार काटकर जंगली सूअर को फेंसिंग से मुक्त कराया। हालांकि, बंधन से छूटते ही हिंसक हो चुके जंगली सूअर ने सामने मौजूद वनकर्मियों पर जोरदार हमला कर दिया:
उमेश सिंह (वनरक्षक): जंगली सूअर के हमले से उमेश सिंह के पैर में गंभीर चोट आई, जिससे उन्हें चलने-फिरने में अत्यधिक परेशानी होने लगी। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
शैलेंद्र सिंह (वनरक्षक): सूअर के अचानक किए गए वार से शैलेंद्र सिंह के घुटने में चोट आई, जिनका प्राथमिक उपचार किया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और घायल वनरक्षक उमेश सिंह के परिजन जिला अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के डॉक्टरों ने उमेश सिंह के पैर का प्राथमिक उपचार कर ड्रेसिंग की। चिकित्सकों के अनुसार, चोट का समुचित इलाज किया जा रहा है और फिलहाल घायल वनरक्षक की स्थिति खतरे से बाहर व स्थिर है। अधिकारियों ने मैदानी वनकर्मियों को वन्यजीव रेस्क्यू अभियानों के दौरान सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य उपयोग करने और अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
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