
नर्मदापुरम. मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के रातापानी टाइगर रिजर्व (Ratapani Tiger Reserve) से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ देलावाड़ी परिक्षेत्र में बेखौफ तस्करों ने वन विभाग और पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए एक अनोखा पैंतरा आजमाया। तस्करों ने अपनी बोलेरो गाड़ी पर बड़े अक्षरों में 'RTO' (क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय) लिखवा रखा था और उस पर वीआईपी हूटर भी लगा रखा था, ताकि कोई उन्हें रोकने की हिम्मत न करे। हालांकि, वन विभाग की मुस्तैदी से इस हाई-प्रोफाइल सागौन तस्करी (Teakwood Smuggling) रैकेट का भंडाफोड़ हो गया है और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
रात के अंधेरे में घेराबंदी, ₹2 लाख की सागौन जब्त रेहटी वनमंडल औबेदुल्लागंज के अमड़ो क्षेत्र में शुक्रवार रात वन विभाग की टीम को अवैध कटाई और परिवहन की गुप्त सूचना मिली थी। टीम ने तत्काल जाल बिछाया और घेराबंदी कर दो संदिग्ध वाहनों को रोका।
तलाशी के दौरान वाहनों से 19 नग कीमती सागौन की सिल्लियां बरामद हुईं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 2 लाख रुपये आंकी गई है। वन विभाग ने मौके से तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक होंडा सिटी कार और 'RTO' लिखी बोलेरो गाड़ी (क्रमांक MP 05 T 2187) को जब्त कर लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, हूटर और सरकारी तख्ती का इस्तेमाल केवल जांच चौकियों (Checkposts) से बचने के लिए एक कवच के रूप में किया जा रहा था।
नर्मदापुरम के रहने वाले हैं चारों तस्कर पकड़े गए चारों आरोपी और गाड़ियां नर्मदापुरम जिले से ताल्लुक रखती हैं। वन विभाग ने वन्यजीव और वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर निम्नलिखित आरोपियों को जेल भेज दिया है:
अर्पित यादव (मालाखेड़ी) – यह आरटीओ लिखी बोलेरो गाड़ी इसी के नाम पर रजिस्टर्ड है।
नीलेश यादव (मालाखेड़ी) – यह आरोपी ट्रैक्टरों के जरिए रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन में भी लिप्त रहा है।
सुरेश (सुरई ढाबा) और सोहेल शेख (मालाखेड़ी) – गिरोह के सक्रिय सदस्य जो कटाई और लोडिंग का काम संभालते थे।
नर्मदापुरम आरटीओ भी जांच में जुटा, थाने को लिखा पत्र इस सनसनीखेज खुलासे के बाद नर्मदापुरम के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) प्रमोद कापसे ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा, "हमारे कार्यालय में वर्तमान में उड़नदस्ते समेत केवल दो ही गाड़ियां अटैच हैं, और पकड़ी गई गाड़ी का हमारे विभाग से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है। यह पूरी तरह से फर्जीवाड़ा है।"
चूंकि यह घटना सीहोर आरटीओ क्षेत्र की सीमा में हुई है, लेकिन गाड़ी और आरोपी नर्मदापुरम के हैं, इसलिए स्थानीय परिवहन विभाग इस बात की गहन जांच कर रहा है कि इस फर्जी आरटीओ गाड़ी का उपयोग जिले में अन्य किन-किन आपराधिक गतिविधियों या अवैध परिवहन में किया जा रहा था। आरटीओ ने इस जालसाजी और फर्जी सरकारी स्वरूप धारण करने के खिलाफ संबंधित पुलिस थाने में केस दर्ज कराने के लिए पत्र लिखा है।
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