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बांधवगढ़ सफारी में मोबाइल का इस्तेमाल और मनमानी पड़ी भारी, जांच में फंसे कई गाइड और ड्राइवर


उमरिया जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सफारी के दौरान नियमों के उल्लंघन की बढ़ती शिकायतों के बाद पार्क प्रबंधन पूरी तरह सख्त हो गया है। जंगल के भीतर सफारी के दौरान गाइडों और चालकों द्वारा मोबाइल फोन का धड़ल्ले से उपयोग करने, मनमानी करने और बिना वजह वन्यजीवों के करीब वाहन रोकने जैसी गंभीर शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए वन विभाग ने गुरुवार को एक बड़ा चेकिंग अभियान शुरू किया। इसके तहत ताला पर्यटन गेट पर सफारी के लिए जाने वाले और वापस आने वाले पर्यटक वाहनों, चालकों और पर्यटन गाइडों का सघन निरीक्षण किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

वन विभाग के आला अधिकारियों के नेतृत्व में चलाए गए इस औचक निरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य पर्यटन गतिविधियों में अनुशासन, पारदर्शिता लाना और वन्यजीव संरक्षण संबंधी नियमों का जमीनी स्तर पर प्रभावी पालन सुनिश्चित करना है। जांच के दौरान अधिकारियों ने मुख्य रूप से पर्यटक वाहनों के वैध संचालन, सफारी के दौरान पूरी तरह प्रतिबंधित मोबाइल फोन के उपयोग, पर्यटकों के प्रति गाइडों के व्यवहार, केवल निर्धारित पर्यटन मार्गों पर ही वाहन चलाने और सभी आवश्यक कानूनी दस्तावेजों की उपलब्धता की बारीकी से जांच की।

इस सघन चेकिंग के दौरान पार्क प्रबंधन के दावों के विपरीत जमीनी हकीकत कुछ अलग नजर आई और जांच में कई वाहन चालक और गाइड खुलेआम तय पर्यटन नियमों का उल्लंघन करते हुए रंगे हाथों पकड़े गए। कुछ चालकों के पास जहां आवश्यक दस्तावेज अधूरे मिले, वहीं कुछ गाइड जंगल के भीतर पर्यटकों को खुश करने के चक्कर में नियमों को ताक पर रखकर मोबाइल का इस्तेमाल करते पाए गए। पार्क प्रबंधन ने इन सभी लापरवाह और दोषी व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ निर्धारित नियमों के तहत सख्त अनुशासनात्मक और दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ प्रबंधन ने इस कार्रवाई के बाद एक आधिकारिक बयान जारी कर बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है और वन अधिकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि वन्यजीवों और जंगल के कोर एरिया में पर्यटन नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। जो भी नियम तोड़ेगा, उसका लाइसेंस और परमिट तुरंत निरस्त किया जा सकता है। प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कोई एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान बिना किसी पूर्व सूचना के नियमित रूप से जारी रहेंगे ताकि व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

इसके साथ ही पार्क प्रबंधन ने सभी वाहन चालक, जिप्सी मालिकों, गाइडों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े तमाम हितधारकों से एक विशेष अपील जारी की है कि बांधवगढ़ की पहचान यहां के बाघों और समृद्ध वन्यजीवों से है, इसलिए उनकी सुरक्षा सर्वोपरि है। सभी को मिलकर पर्यटकों को एक सुरक्षित, अनुशासित और गुणवत्तापूर्ण पर्यटन का अनुभव उपलब्ध कराना चाहिए और इसमें सहयोग करना चाहिए। आपको बता दें कि इस संयुक्त और बड़े निरीक्षण अभियान को सफल बनाने में बांधवगढ़ के मुख्य पर्यटन अधिकारी सहित खितौली, धमोखर और ताला परिक्षेत्र के वन परिक्षेत्राधिकारियों और भारी संख्या में वन अमले की सक्रिय भागीदारी रही।

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