. मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से सरकारी दावों और स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलने वाली एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। जिले के लटेरी स्थित सरकारी अस्पताल (Lateri Government Hospital) में मानसून की पहली ही तेज बारिश ने ऐसा कहर बरपाया कि पूरा अस्पताल परिसर किसी 'स्विमिंग पूल' में तब्दील हो गया। प्री-मानसून की इस पहली ही बौछार ने स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की मानसून पूर्व तैयारियों के बड़े-बड़े दावों को पूरी तरह से धो दिया है।
लटेरी सरकारी अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अस्पताल की बदहाली साफ देखी जा सकती है।
अंदर-बाहर जलभराव: स्थिति इतनी विकराल हो चुकी है कि न केवल अस्पताल का बाहरी परिसर, बल्कि वार्डों और ओपीडी (OPD) के अंदर तक घुटनों तक पानी भर गया है।
मरीजों की मुसीबत: दूर-दराज के गांवों से इलाज की उम्मीद लेकर आए मरीजों, गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को इस गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है।
इलाज में बाधा: डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को भी इसी जलभराव के बीच खड़े होकर मरीजों की जांच और उपचार करना पड़ रहा है, जिससे संक्रमण (Infection) का खतरा कई गुना बढ़ गया है।
अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस कदर गंदे पानी का जमा होना स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार बेहद खतरनाक है।
संक्रामक बीमारियों का अलर्ट: अस्पताल परिसर में कई घंटों तक रुके रहने वाले इस दूषित पानी के कारण मक्खियों और मच्छरों का पनपना तय है। इससे अस्पताल में पहले से भर्ती कमजोर इम्युनिटी वाले मरीजों में डेंगू, मलेरिया, डायरिया और अन्य मौसमी व संक्रामक बीमारियां (Communicable Diseases) फैलने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब पहली ही बारिश में अस्पताल का यह हाल है, तो आने वाले मुख्य मानसून के दिनों में लटेरी अस्पताल की क्या स्थिति होगी, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। क्षेत्र के लोगों ने अब जिला कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) से इस ड्रेनेज सिस्टम को तुरंत ठीक करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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