
सतना स्थित विन्ध्य चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज के तत्वावधान में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में आगामी विंध्य व्यापार मेला को लेकर ऐतिहासिक पहल की गई। चेम्बर पदाधिकारियों और प्रमुख व्यापारियों ने एक स्वर में मांग उठाई कि ग्वालियर और उज्जैन व्यापार मेले की तर्ज पर सतना के विंध्य व्यापार मेले में भी वाहनों की खरीद पर मोटरयान कर (रोड टैक्स) में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाए। इस छूट से न केवल विंध्य के ऑटोमोबाइल सेक्टर को नई गति मिलेगी, बल्कि स्थानीय व्यापार का विस्तार होगा और उपभोक्ताओं को बड़ा आर्थिक लाभ मिल सकेगा।
विन्ध्य चेम्बर अध्यक्ष सतीश सुखेजा ने बैठक को संबोधित करते हुए बताया कि व्यापारिक विस्तार और आम जनता को राहत दिलाने के उद्देश्य से शासन स्तर पर निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि इस संबंध में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल तथा उपमुख्यमंत्री व वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा से प्रत्यक्ष मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की जा चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि शासन से सकारात्मक निर्णय मिलने पर पूरे विंध्य क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को जबरदस्त मजबूती मिलेगी।
चेम्बर महामंत्री मनोज कटारे ने बताया कि इस मुहिम को सुनियोजित ढंग से आगे बढ़ाने के लिए पूर्व अध्यक्ष कमलेश पटेल के नेतृत्व में एक विशेष समिति का गठन किया गया है। समिति के प्रमुख कमलेश पटेल ने कहा कि शासन के समक्ष साक्ष्यों और आंकड़ों के आधार पर एक प्रभावी प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने रेखांकित किया कि विंध्य क्षेत्र की सीमाएं उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख जिलों से सटी हुई हैं। यदि सतना व्यापार मेले में रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट मिलती है, तो उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में लोग वाहन खरीदने सतना पहुंचेंगे, जिससे मध्य प्रदेश शासन के जीएसटी (GST) राजस्व में भारी इजाफा होगा।
पूर्व चेम्बर अध्यक्ष राजाराम त्रिपाठी ने कहा कि राजस्व अर्जन में विंध्य के जिले हमेशा प्रदेश में अग्रणी रहे हैं और मेले में छूट मिलने से यह आंकड़ा और बढ़ेगा। इसके लिए क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा। वहीं पूर्व अध्यक्ष विवेक अग्रवाल ने इस मांग को जनमुहिम बनाने पर जोर देते हुए कहा कि विंध्य व्यापार मेले को राज्य शासन के आधिकारिक कैलेंडर में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि इसे सभी शासकीय योजनाओं का लाभ मिल सके। ऑटोमोबाइल डीलर नीरज अग्रवाल ने सुझाव दिया कि ग्वालियर और उज्जैन के सामान्य दिनों तथा मेला अवधि के वाहन बिक्री आंकड़ों का तुलनात्मक डेटाबेस शासन के समक्ष रखा जाए, जिससे यह साबित होगा कि कर छूट से सरकारी खजाने को नुकसान नहीं बल्कि बड़ा फायदा होता है।
बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोहर वाधवानी, मंत्री मनोज अरोरा, सहमंत्री हिमांशु सिंह अरोरा, पूर्व अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी, कार्यकारिणी सदस्य मुकेश अग्रवाल, संदीप गुप्ता, मनीष बंसल, सुमित सिंह, आशीष चौदहा, हरिओम गुप्ता, आकाश बघेल, दीपक सिंह, संजय शुक्ला, संदीप विश्वकर्मा, वासू चुंगवानी, विपिन आर त्रिपाठी, चंद्रजीत सिंह और सुशांत सक्सेना सहित अनेक अग्रणी ऑटोमोबाइल डीलर्स व व्यापारी उपस्थित रहे।
Leave A Reviews