
जावरा, रतलाम. रतलाम जिले के जावरा तहसील के ग्राम अर्जला में सोमवार रात मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया. एक तरफ खराब सड़कें और दूसरी तरफ जननी एक्सप्रेस के चालक की हठधर्मिता के कारण एक प्रसूता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. चालक ने महज 200 मीटर का कच्चा रास्ता पार करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद प्रसूता को लोडिंग वाहन (छोटा हाथी) में लिटाकर एंबुलेंस तक पहुंचाया गया.
एक घंटे तक मिन्नतें, पर नहीं पसीजा दिल
ग्राम निवासी ज्योति सूर्यवंशी को शाम 6:20 बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई. आशा कार्यकर्ता ने 108 जननी एक्सप्रेस को बुलाया. एंबुलेंस गांव के स्कूल तक तो पहुंची, लेकिन घर तक जाने वाले 200 मीटर के कच्चे रास्ते को देख चालक नवदीप पाठक ने वाहन आगे बढ़ाने से मना कर दिया.
परिजनों का तर्क: "इसी रास्ते से रोज गाड़ियां गुजरती हैं, अगर एंबुलेंस फंसती तो हम ट्रैक्टर से खींच लेते."
ड्राइवर का जवाब: "अधिकारियों ने मना किया है, एंबुलेंस कोई लोडिंग वाहन नहीं है. इसे बाइक या ट्रॉली में लिटाकर ले आओ."
लोडिंग वाहन बना 'जननी' का सहारा
करीब एक घंटे तक मान-मनौव्वल और सरपंच प्रतिनिधि के हस्तक्षेप के बाद भी जब ड्राइवर नहीं माना, तो ग्रामीणों ने मजबूरन गांव के ही एक लोडिंग वाहन को बुलाया. प्रसूता को उसी लोडिंग वाहन में बैठाकर स्कूल तक लाया गया, जहां से उसे जावरा सिविल अस्पताल ले जाया गया. राहत की बात यह रही कि मंगलवार तड़के ज्योति ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया.
वीडियो में खुली पोल, सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में ड्राइवर ग्रामीणों को सड़क ठीक करवाने की नसीहत देता नजर आ रहा है. वहीं, एंबुलेंस के ईएमटी ने तकनीकी खराबी और बारिश का बहाना बनाया है. प्रसूता के पिता ने इस संवेदनहीनता के खिलाफ सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई है.
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