
यमन। दक्षिणी यमन के शबवा प्रांत में सोमवार को ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सरकारी सुरक्षा बलों के एक प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र को निशाना बनाकर बड़ा बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया। इस भीषण हमले में कम से कम 20 सैनिकों की मौके व इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दो दर्जन से अधिक जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। हताहत हुए सैनिकों में अधिकांश हाल ही में सुरक्षा बल में शामिल हुए नए रंगरूट बताए गए हैं।
यमन की सेना के प्रवक्ता कर्नल माजेद अल-नजिली ने पुष्टि की कि विद्रोहियों ने पुलिस और सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रशिक्षण केंद्र पर एक के बाद एक तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार के दो सैन्य अधिकारियों ने 20 जवानों के मारे जाने और 24 से अधिक के घायल होने की पुष्टि की है। वहीं हूती संचालित समाचार एजेंसी ने भी हमले की जिम्मेदारी लेते हुए बड़े पैमाने पर नुकसान का दावा किया है।
निशाना बनाया गया अल-अलम सैन्य शिविर शबवा प्रांत की राजधानी 'अटक' के उत्तर में स्थित जर्दान जिले में पड़ता है। सामरिक दृष्टि से यह शिविर बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण है:
आपूर्ति मार्ग: यह क्षेत्र तेल समृद्ध और सरकार समर्थित बलों के नियंत्रण वाले मारीब प्रांत को जोड़ने वाले मुख्य आपूर्ति मार्ग पर स्थित है। यहीं से अग्रिम मोर्चों तक रसद और हथियारों की खेप भेजी जाती है।
रैपिड इंटरवेंशन फोर्स: सैन्य सूत्रों के अनुसार, हमले के समय शिविर में 'रैपिड इंटरवेंशन' नामक नवगठित विशेष सुरक्षा दस्ते के जवान प्रशिक्षण ले रहे थे, जिन्हें इस रणनीतिक कॉरिडोर की रक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
पूर्व नियंत्रण: पूर्व में इस महत्वपूर्ण शिविर का संचालन संयुक्त अरब अमीरात (UAE) समर्थित सशस्त्र इकाइयों द्वारा किया जाता रहा है।
यमन में वर्ष 2022 में हुआ संघर्षविराम अब पूरी तरह बेपटरी हो चुका है। ईरान और अमेरिका-सऊदी अरब के बीच बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के चलते यमन के मोर्चों पर लड़ाई दोबारा घातक मोड़ ले चुकी है:
सादा में हवाई हमला: इस मिसाइल हमले से ठीक एक दिन पहले रविवार को उत्तरी यमन के हूती बहुल सादा प्रांत में हुए हवाई हमलों में 5 बच्चों और 2 महिलाओं सहित 9 लोगों की मौत हुई थी, जिसका आरोप हूतियों ने सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन पर लगाया था।
सऊदी अरब के ठिकानों पर प्रहार: हूती विद्रोहियों ने हाल के हफ्तों में सऊदी अरब के सीमावर्ती हवाई अड्डों, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और अरामको के मुख्यालय को ड्रोन व मिसाइलों से निशाना बनाया है, जिससे विमान सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
बाब अल-मंदेब और समुद्री सुरक्षा: हूती लड़ाकों ने लाल सागर के तटवर्ती क्षेत्रों और रणनीतिक बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ मजबूत की है, जो वैश्विक तेल और व्यापारिक जहाजों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण चोकपॉइंट है। इस प्रभाव को समाप्त करने के लिए सऊदी गठबंधन ने भी इस महीने बड़ा जमीनी व हवाई अभियान छेड़ रखा है।
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