वॉशिंगटन, 1 मार्च (आईएएनएस)। ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी' के तहत चल रहे 'बड़े कॉम्बैट ऑपरेशन' में तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए। साथ ही पांच अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। यह जानकारी यूनाइटेड स्टेट सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने रविवार को दी।
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वॉशिंगटन, 1 मार्च (आईएएनएस)। ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी' के तहत चल रहे 'बड़े कॉम्बैट ऑपरेशन' में तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए। साथ ही पांच अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। यह जानकारी यूनाइटेड स्टेट सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने रविवार को दी।
ईस्टर्न समय के अनुसार, सुबह 9:30 बजे यूनाइटेड स्टेट सेंट्रल कमांड ने एक अपडेट जारी किया, जिसमें बताया गया कि “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत तीन अमेरिकी सैनिक कार्रवाई के दौरान मारे गए हैं और पांच गंभीर रूप से घायल हैं।”
बयान में आगे कहा गया, "कई अन्य लोगों को मामूली छर्रे और सिर में चोट आई है। उन्हें ड्यूटी पर वापस लाया जा रहा है। बड़े कॉम्बैट ऑपरेशन और हमारी जवाबी कार्रवाई जारी है।"
यूनाइटेड स्टेट सेंट्रल कमांड ने कहा कि स्थिति अभी भी अस्थिर है। कमांड ने कहा कि हम अपने शहीद सैनिकों की पहचान सहित और जानकारी तब तक नहीं देंगे, जब तक कि उनके परिजनों को सूचित नहीं कर दिया जाता।
यह घोषणा ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की शुरुआत के बाद अमेरिकी हताहतों की पहली पुष्टि है। अमेरिकी अधिकारियों ने इसे ईरान की सुरक्षा और सैन्य ढांचे के तत्वों को निशाना बनाने वाला अभियान बताया है।
सेंटकॉम ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि उसने क्षेत्र में एक अमेरिकी विमानवाहक पोत को निशाना बनाया है।
सेंटकॉम ने कहा कि ईरान के आईआरजीसी का यह दावा कि उसने यूएसएस अब्राहम लिंकन पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया, एक झूठ है। लिंकन को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। दागी गई मिसाइलें उसके पास तक भी नहीं पहुंचीं। लिंकन अमेरिकी लोगों की रक्षा के लिए ईरानी शासन से उत्पन्न खतरों को समाप्त करने के सेंटकॉम के निरंतर अभियान के समर्थन में विमान उड़ाना जारी रखे हुए है।
बयान के मुताबिक, एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन अमेरिकी ऑपरेशन के सपोर्ट में तैनात है।
सेंटकॉम ने संघर्ष की बदलती प्रकृति का हवाला देते हुए और अधिक परिचालन विवरण देने से इनकार किया।
हताहतों की संख्या वाशिंगटन में जांच और सवालों को और तेज कर सकती है, जहां सांसद इस अभियान के दायरे, अवधि और उद्देश्यों को लेकर स्पष्टता मांग रहे हैं।
रक्षा अधिकारियों ने अब तक इस अभियान को ईरान की सेना और उससे जुड़े बलों से उत्पन्न खतरों का मुकाबला करने के लिए आवश्यक बताया है।
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी इस सप्ताह की शुरुआत में शुरू हुआ, जिसमें अमेरिका और उसके सहयोगी बलों ने कई लक्ष्यों पर हमले किए। अधिकारियों ने इसे केवल एक बार के हवाई हमलों के बजाय एक निरंतर प्रयास बताया है।
अमेरिकी हवाई हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और देश के कई शीर्ष नेताओं के मारे जाने की भी सूचना है।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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