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यूसीसी पर यशवंत सिन्हा का केंद्र पर निशाना, बोले- 2029 के चुनाव के लिए छेड़ा गया मुद्दा


हजारीबाग, 15 सितंबर (आईएएनएस)। यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को लेकर पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि 2029 के चुनाव आ रहे हैं और भाजपा ने ऐसा मुद्दा चुना है, जिससे देश में हिंदू-मुसलमानों के बीच नफरत की भावना बढ़े।

हजारीबाग, 15 सितंबर (आईएएनएस)। यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को लेकर पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि 2029 के चुनाव आ रहे हैं और भाजपा ने ऐसा मुद्दा चुना है, जिससे देश में हिंदू-मुसलमानों के बीच नफरत की भावना बढ़े।

यशवंत सिन्हा ने कहा, "भाजपा और उनके सहयोगी बराबर से कोशिश करते रहे हैं। उसी को बढ़ावा देने के लिए यूनिफॉर्म सिविल कोड की बात कर रहे हैं। मुझे लगता है कि इसी कारण से गृह मंत्री ने इस मुद्दे को छेड़ा है। इसमें ध्यान देने वाली बात ये है कि भाजपा के जो सहयोगी दल हैं, उन्होंने भी इस पर नाखुशी जताई है।

उन्होंने ब्रिक्स समिट को लेकर कहा कि यह पूरे देश का सवाल है, किसी व्यक्ति विशेष का नहीं। ब्रिक्स की स्थापना कैसे हुई थी? गोल्डमैन सैक्स जो एक फाइनेंशियल कंपनी है, उसके एक अधिकारी ने कहा था कि 2050 आते-आते ये पांच देश, जिनमें भारत भी शामिल है, दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में होंगे। इसी कारण इसका नाम ब्रिक्स पड़ा, क्योंकि इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे। उन्हीं देशों के नाम के पहले अक्षर को लेकर इसका नाम ब्रिक्स रखा गया। अब इसमें और भी कई देश शामिल हो गए हैं और उसी का सम्मेलन दिल्ली में हुआ है। हर साल इसका एक सम्मेलन होता है। पिछली बार यह ब्राजील में हुआ था और अगली बार इसका सम्मेलन चीन में होगा।

उन्होंने कहा कि इसमें ध्यान देने वाली बात यह है कि जिन भी राष्ट्राध्यक्षों को निमंत्रण भेजा गया था, वे सभी आए। प्रमुख रूप से चीन के राष्ट्रपति और रूस के राष्ट्रपति आए, यह एक अच्छी बात रही कि आमंत्रित सभी नेता सम्मेलन में शामिल हुए। दूसरी बात यह रही कि इससे पहले जब इसकी तैयारी के लिए मई महीने में दिल्ली में विदेश मंत्रियों की बैठक हुई थी, तो उसमें साझा बयान नहीं बन पाया था क्योंकि कई मतभेद थे। इस बार मैं इसका क्रेडिट अपने अधिकारियों को दूंगा, जिन्होंने कड़ी मशक्कत कर रात-रात भर बैठकर साझा बयान तैयार किया। ऐसा साझा बयान जो सभी को पसंद आया और जिस पर सभी ने सहमति जताई।

--आईएएनएस

केके/एबीएम

Date & Time : 2026-09-16 00:00:03

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