
जापान में एक बार फिर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। सोमवार सुबह 5:23 बजे Hokkaido द्वीप पर 6.4 तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र सरबेत्सु शहर से करीब 11 मील पश्चिम में और लगभग 50 मील गहराई में था।
हालांकि राहत की बात यह रही कि अब तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान या बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर क्षति की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
यह भूकंप ऐसे समय आया है, जब एक सप्ताह पहले ही जापान में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। उस दौरान सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी और कई तटीय इलाकों में लहरें भी पहुंची थीं।
हालांकि इस बार Japan Meteorological Agency ने किसी सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की है। एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार यह हालिया झटका पिछले भूकंप से जुड़ा नहीं है और इसे एक “आकस्मिक भूकंप” माना जा रहा है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि जिन इलाकों में तेज झटके महसूस हुए हैं, वहां भूस्खलन और चट्टान गिरने का खतरा बढ़ गया है। उराहोरो और नीकाप्पू जैसे शहरों में भूकंपीय तीव्रता उच्च स्तर पर दर्ज की गई।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और आपातकालीन तैयारियां बनाए रखने की सलाह दी है।
होक्काइडो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी के अनुसार, टोमारी परमाणु ऊर्जा संयंत्र में कोई असामान्यता नहीं पाई गई है। कुछ इलाकों में हल्की बिजली कटौती की खबर जरूर आई थी, लेकिन स्थिति जल्द ही सामान्य कर ली गई।
पिछले सप्ताह आए 7.7 तीव्रता के भूकंप ने पूरे जापान को हिला दिया था और टोक्यो तक असर देखा गया था। उस समय हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था।
जापान, जो दुनिया के सबसे भूकंप-प्रवण देशों में से एक है, पहले भी 2011 के विनाशकारी 9.0 तीव्रता के भूकंप और Fukushima Daiichi Nuclear Power Plant हादसे का सामना कर चुका है, जिसमें करीब 20,000 लोगों की जान गई थी।
प्रधानमंत्री सनाए ताकिची ने नागरिकों से अपील की है कि वे कम से कम एक सप्ताह तक आपातकालीन सामग्री अपने पास रखें। सरकार ने संभावित बड़े भूकंप की आशंका को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी है।
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