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दिनेश त्रिवेदी बने बांग्लादेश में भारत के नए उच्चायुक्त

बांग्लादेश। भारत सरकार ने पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी को बांग्लादेश में भारत का अगला उच्चायुक्त नियुक्त किया है। इस संबंध में विदेश मंत्रालय ने सोमवार को आधिकारिक अधिसूचना जारी की। वे वर्तमान उच्चायुक्त प्रणय वर्मा की जगह लेंगे, जिन्हें अब यूरोपीय संघ (EU) में भारत का राजदूत बनाकर ब्रसेल्स भेजा जा रहा है।

भारत-बांग्लादेश संबंधों के लिए अहम कदम

नई दिल्ली का यह निर्णय ऐसे समय में आया है, जब भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों को सुधारने की कोशिशें जारी हैं। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच कुछ मुद्दों को लेकर तनाव देखने को मिला था, खासकर मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान।

विशेषज्ञों का मानना है कि एक अनुभवी राजनेता को ढाका भेजना भारत की कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है, जिससे द्विपक्षीय संबंधों में मजबूती लाई जा सके।

कौन हैं दिनेश त्रिवेदी?

दिनेश त्रिवेदी भारतीय राजनीति का एक जाना-पहचाना नाम हैं। वे यूपीए सरकार के दौरान रेल मंत्री और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री रह चुके हैं। वर्ष 2012 में रेल बजट में किराया बढ़ाने के फैसले के कारण उन्हें राजनीतिक विवाद का सामना करना पड़ा और अंततः उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।

उन्होंने 12 फरवरी 2021 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) से इस्तीफा देकर 6 मार्च 2021 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) जॉइन की थी। त्रिवेदी 2009 से 2019 तक पश्चिम बंगाल की बैरकपुर लोकसभा सीट से सांसद रहे हैं। इसके अलावा, वे दो बार राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं।

कूटनीतिक अनुभव और नई भूमिका

75 वर्ष से अधिक उम्र के त्रिवेदी एक अनुभवी राजनेता हैं और उनकी नियुक्ति को भारत की विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वे करियर डिप्लोमैट प्रणय वर्मा की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल भी काफी महत्वपूर्ण रहा है।

यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब बांग्लादेश में हालिया राजनीतिक बदलावों के बाद नए सिरे से संबंधों को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है।

क्षेत्रीय राजनीति और संबंधों पर असर

बांग्लादेश में राजनीतिक घटनाक्रम और सत्ता परिवर्तन के बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। लेकिन हालिया चुनावों के बाद नए नेतृत्व के आने से दोनों देशों के रिश्तों में सुधार के संकेत मिले हैं। ऐसे में त्रिवेदी की नियुक्ति को रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।

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