नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर बीती रात एक रूह कंपा देने वाला हादसा सामने आया है। यहाँ अपनी मां के साथ खड़ी 8 वर्षीय मासूम बच्ची 'युविका राजपूत' तेज रफ्तार तमिलनाडु एक्सप्रेस की चपेट में आ गई। ट्रेन के इंजन से टकराने के बाद बच्ची प्लेटफॉर्म और पटरी के बीच फंस गई, जिससे उसके सिर, कमर और कंधे पर गंभीर चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद आरपीएफ, जीआरपी और वहां मौजूद यात्रियों ने बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए आज उसे भोपाल रेफर कर दिया गया है।
घटना का घटनाक्रम और संदिग्ध परिस्थितियां प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा रात करीब 8 बजे प्लेटफॉर्म के इटारसी एंड पर हुआ। घायल बच्ची की मां अंजू सिंह राजपूत, जो कृषि विभाग में क्लर्क हैं, अपनी बेटी के साथ काफी देर से प्लेटफॉर्म पर मौजूद थीं। जीआरपी द्वारा खंगाले गए सीसीटीवी फुटेज में सामने आया है कि मां-बेटी हादसे से करीब डेढ़ घंटे पहले से स्टेशन पर घूम रही थीं। महिला ने पुलिस को बताया कि वे भोपाल जाने वाली थीं, लेकिन उनके पास यात्रा का कोई वैध टिकट नहीं मिला। इस दौरान भोपाल जाने वाली अन्य ट्रेनें भी निकल चुकी थीं, जिससे मामला संदिग्ध जान पड़ रहा है।
साजिश के एंगल पर पुलिस की नजर पुलिस और जीआरपी अब इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि आखिर यह हादसा हुआ कैसे। स्टेशन पर यह चर्चा भी आम है कि बच्ची को किसी ने धक्का दिया है, हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। जीआरपी थाना प्रभारी संजय चौकसे ने बताया कि रात का समय होने के कारण सीसीटीवी फुटेज में घटना पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पा रही है। पुलिस इस 'धक्का' देने वाले एंगल को केंद्र में रखकर जांच को आगे बढ़ा रही है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और जांच की दिशा बताया जा रहा है कि अंजू राजपूत पिंक एवेन्यू मालाखेड़ी की निवासी हैं। करीब 7-8 साल पहले एक सड़क दुर्घटना में उनके पति की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद उन्हें अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। जीआरपी ने अस्पताल पहुंचकर मां के प्रारंभिक बयान दर्ज कर लिए हैं। मौके पर प्लेटफॉर्म और पटरियों के बीच अभी भी खून के निशान मौजूद हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह महज एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई और वजह है।
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