
रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के विधानसभा थाना अंतर्गत सड्डू इलाके में आज सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वहां स्थित कवल मल्टीलेयर प्लास्टिक फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते उसने पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। आसमान में काले धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था। फिलहाल दमकल की कई टीमें मौके पर आग बुझाने के लिए संघर्ष कर रही हैं।
गुरुवार सुबह जब फैक्ट्री में काम शुरू ही हुआ था, तभी अचानक एक हिस्से से लपटें उठनी शुरू हुईं। प्लास्टिक जैसे ज्वलनशील पदार्थ की मौजूदगी के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 5 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन आग इतनी भीषण है कि और भी वाहनों को बैकअप के लिए बुलाया गया है। प्लास्टिक के जलने से निकल रही जहरीली गैस और भीषण तपिश के कारण फायर फाइटर्स को रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
इस हादसे की एक और दुर्भाग्यपूर्ण तस्वीर तब सामने आई जब घटना की कवरेज करने पहुंचे मीडियाकर्मियों को फैक्ट्री प्रबंधन के गुस्से का शिकार होना पड़ा। रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों को न केवल फैक्ट्री परिसर में घुसने से रोका गया, बल्कि उनके साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी भी की गई। वीडियो जर्नलिस्टों को कैमरा चलाने से मना किया गया, जिसे लेकर स्थानीय पत्रकारों में भारी आक्रोश है। पत्रकारों का कहना है कि प्रबंधन अपनी कमियों को छिपाने के लिए मीडिया को रोकने की कोशिश कर रहा है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा थाना पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। पुलिस ने फैक्ट्री के आसपास के इलाके को सील कर दिया है ताकि आम लोग इसकी चपेट में न आएं। आग लगने का प्रारंभिक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है।
फैक्ट्री प्रबंधन के अनुसार, गोदाम में बड़ी मात्रा में कच्चा माल और तैयार प्लास्टिक उत्पाद रखे हुए थे। आग के कारण करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। गनीमत यह रही कि अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है, हालांकि आग पूरी तरह बुझने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।
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