
नई दिल्ली. होर्मुज संकट के बीच एअर इंडिया ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का ऐलान किया है। यह नया सरचार्ज 8 अप्रैल से लागू हो गया है। घरेलू उड़ानों में यह 299 रुपये से 899 रुपये तक और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 24 डॉलर से 280 डॉलर तक रहेगा। इसका उद्देश्य बढ़ती एटीएफ (एयर टरबाइन फ्यूल) की कीमतों के बढ़ते दबाव को संतुलित करना है।
सरकार ने घरेलू ATF कीमतों में बढ़ोतरी को अधिकतम 25% तक सीमित किया है। इसके बाद एअर इंडिया ने फ्लैट सरचार्ज के बजाय दूरी पर आधारित ग्रिड प्रणाली अपनाई है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में किसी रूट पर तुरंत बढ़ोतरी लागू नहीं हुई है। बांग्लादेश, जापान, हांगकांग और दक्षिण कोरिया जैसे गंतव्यों के लिए नियामक मंजूरी के बाद ही सरचार्ज बढ़ाया जाएगा।
आईएटीए के अनुसार, वैश्विक औसत जेट ईंधन की कीमत 27 मार्च को 195.19 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जबकि फरवरी के अंत में यह 99.40 डॉलर थी। एटीएफ एयरलाइन लागत का लगभग 40-45 प्रतिशत होती है। इसके अलावा, रिफाइनिंग मार्जिन (क्रैक स्प्रेड) में तीन सप्ताह में तीन गुना वृद्धि हुई है।
एअर इंडिया का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर सरचार्ज पूरी लागत नहीं ढकता और कंपनी बढ़ी हुई लागत का एक हिस्सा खुद वहन कर रही है। देश की अन्य एयरलाइन इंडिगो ने भी फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक एविएशन सेक्टर पर दबाव बना रहेगा और हवाई यात्रा महंगी बनी रहेगी।
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