
नई दिल्ली।विधानसभा चुनावों के संपन्न होने के बाद निर्वाचन आयोग (ECI) अब देश की मतदाता सूचियों को पूरी तरह 'क्लीन' करने के मिशन पर है। आयोग 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) का अंतिम चरण शुरू करने जा रहा है, जिसका मुख्य लक्ष्य वोटर लिस्ट में पारदर्शिता लाना और फर्जी वोटरों की पहचान कर उन्हें बाहर करना है।
इस विशेष अभियान के तहत देशभर के लगभग 39 करोड़ मतदाताओं के डेटा का सूक्ष्म परीक्षण किया जाएगा। यह प्रक्रिया उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रभावी होगी जहाँ अब तक यह सुधार कार्य पूरा नहीं हुआ है।
मकसद: दोहरी प्रविष्टि (Duplicate entries), मृत मतदाता और बाहरी/फर्जी मतदाताओं के नाम सूची से हटाना।
पारदर्शिता: चुनाव आयोग का लक्ष्य एक ऐसी त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार करना है, जिससे भविष्य के चुनावों में धांधली की गुंजाइश खत्म हो सके।
आयोग इस प्रक्रिया को पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए आधुनिक तकनीक और जमीनी सत्यापन (Physical Verification) दोनों का सहारा लेगा:
डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन: बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी का मिलान कर सकते हैं।
सॉफ्टवेयर का उपयोग: विशेष सॉफ्टवेयर के जरिए एक ही व्यक्ति के दो अलग-अलग जगहों पर वोटर होने की पहचान की जाएगी।
आम जनता की भागीदारी: मतदाता स्वयं भी आधिकारिक वेबसाइट या ऐप के माध्यम से अपना नाम चेक कर सकते हैं और गलत जानकारी होने पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
निर्वाचन आयोग के सूत्रों के अनुसार, यह SIR का आखिरी और सबसे निर्णायक चरण है। इसके पूरा होने के बाद सभी राज्यों की अपडेटेड वोटर लिस्ट जारी की जाएगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि पात्र मतदाताओं का नाम कटने न पाए, इसके लिए सावधानी बरती जाएगी और दावे-आपत्तियां (Claims and Objections) दर्ज करने का पर्याप्त समय दिया जाएगा।
महत्वपूर्ण सूचना: यदि आप भी अपना नाम वोटर लिस्ट में चेक करना चाहते हैं या कोई सुधार करना चाहते हैं, तो voters.eci.gov.in पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी अपडेट कर सकते हैं।
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