
सतना। एकेएस विश्वविद्यालय, सतना में विद्यार्थियों के बीच नवाचार, उद्यमिता एवं नवाचार आधारित व्यवसायों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से तीन दिवसीय ‘इग्नाइट उद्यमिता कार्यक्रम एवं उद्यम स्थापना प्रशिक्षण शिविर’ का शुभारंभ सोमवार को हुआ। कार्यक्रम के प्रथम दिवस पर 90 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विभिन्न संवादात्मक एवं व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से उद्यमिता की बुनियादी अवधारणाओं को समझा।
यह कार्यक्रम राष्ट्रीय उद्यमिता नेटवर्क तथा वाधवानी फाउंडेशन द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा है। इसका आयोजन एकेएस विश्वविद्यालय के बीआईआरएसी ई-युवा केंद्र, अनुसंधान, नवाचार, इन्क्यूबेशन एवं कौशल विकास केंद्र, संस्थागत नवाचार परिषद तथा एकेएस विश्वविद्यालय व्यवसाय इन्क्यूबेटर के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।

कार्यक्रम के प्रथम दिवस में विद्यार्थियों को उद्यमशील सोच विकसित करने, वास्तविक जीवन की समस्याओं की पहचान करने, नवाचार आधारित समाधान तलाशने तथा ग्राहकों की आवश्यकताओं को समझने के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
प्रथम सत्र में विशाल नायर ने कार्यक्रम का परिचय देते हुए विद्यार्थियों को प्रशिक्षण की रूपरेखा एवं ऑनलाइन शिक्षण मंच के उपयोग की जानकारी दी। इसके पश्चात आयोजित सत्रों में रचनात्मक समस्या समाधान की प्रक्रिया, डिजाइन आधारित चिंतन तथा वास्तविक समस्याओं की पहचान पर चर्चा की गई।
दोपहर के सत्र में शिवानी वर्ष्णेय ने ग्राहक पहचान एवं उनकी आवश्यकताओं के सत्यापन विषय पर विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने व्यावसायिक विचार विकसित करने से पहले संभावित ग्राहकों की वास्तविक आवश्यकताओं को समझने तथा प्रस्तावित समाधान की उपयोगिता का आकलन करने के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से चर्चाओं, व्यावहारिक अभ्यासों तथा संवादात्मक गतिविधियों में भाग लिया। इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों को समस्याओं को नए दृष्टिकोण से देखने, रचनात्मक विचार विकसित करने तथा उन विचारों को व्यावहारिक व्यावसायिक अवसरों में परिवर्तित करने के लिए प्रेरित करना है।

आगामी दो दिनों में विद्यार्थियों को समाधान निर्माण, व्यावसायिक अवसरों एवं प्रतिस्पर्धा का विश्लेषण, प्रारंभिक नमूना उत्पाद का विकास, न्यूनतम व्यवहार्य उत्पाद की अवधारणा, व्यवसाय प्रारूप निर्माण, वित्तीय प्रबंधन तथा व्यावसायिक विचारों की प्रस्तुति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को अपने नवाचार आधारित विचारों को उद्यम एवं स्टार्टअप के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया समझने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम का आयोजन एकेएस विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर अनंत कुमार सोनी, कुलपति प्रो. बी.ए. चोपड़े तथा प्रति-कुलपति प्रो. हर्षवर्धन के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। अनुसंधान, नवाचार, इन्क्यूबेशन एवं कौशल विकास केंद्र के निदेशक प्रो. कमलेश चौरे कार्यक्रम संयोजक हैं, जबकि डॉ. एल.एन. सोनी कार्यक्रम समन्वयक हैं। बीआईआरएसी ई-युवा केंद्र की परियोजना समन्वयक डॉ. माही चौरे तथा एकेएस विश्वविद्यालय व्यवसाय इन्क्यूबेटर से रजत सिंह एवं दीपक सिंह ने आयोजन समिति के सदस्य कार्यक्रम के सफल संचालन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

विश्वविद्यालय की यह पहल विद्यार्थियों में नवाचार, उद्यमशीलता, समस्या समाधान तथा रोजगार सृजन की भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित न रहकर स्वयं के उद्यम स्थापित करने तथा समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
तीन दिवसीय यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 12 से 14 अक्टूबर 2026 तक एकेएस विश्वविद्यालय, सतना में आयोजित किया जा रहा है।
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