
राजगढ़ तहसील कोर्ट में शांतिभंग के मामले में जमानत कराने के एवज में अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। वकीलों ने नायब तहसीलदार मनोहर कुल्हारे के न्यायालय में पदस्थ बाबू राहुल पर एक पक्षकार से 3,000 रुपये लेने तथा स्वयं नायब तहसीलदार पर एक अन्य वकील से 5,000 रुपये रिश्वत मांगने का खुला आरोप लगाया है। घटना की जानकारी मिलते ही न्यायालय परिसर में वकीलों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने आरोपित कर्मचारी का घेराव कर दिया।
हंगामे और तलाशी की नौबत आने पर बाबू ने वसूली गई 3,000 रुपये की राशि तत्काल पक्षकार को लौटा दी। इसके बाद वकीलों का दल लामबंद होकर सीधे कलेक्ट्रेट पहुंचा और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
यह घटना झालावाड़ (राजस्थान) निवासी गिरधारी तंवर के दामाद की जमानत से जुड़ी है, जिसे राजगढ़ पुलिस ने धारा 151 (शांतिभंग) के तहत गिरफ्तार किया था। आरोप है कि जमानत की अर्जी आगे बढ़ाने के लिए बाबू राहुल ने पैसे की शर्त रखी। राशि लेने के बाद ही फाइल आगे बढ़ाई गई। वहीं अधिवक्ता मनोज गुर्जर ने सीधे नायब तहसीलदार पर आरोप लगाया कि उनके मुवक्किल की जमानत अर्जी स्वीकार करने के बदले 5,000 रुपये की मांग की गई और मना करने पर आवेदन लेने से इनकार कर दिया गया।
वकीलों द्वारा औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। संबंधित न्यायालय की जमानत फाइलें तलब कर ली गई हैं और एसडीएम को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर त्वरित रिपोर्ट सौंपने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
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