
रामनगर, जिला मैहर. रामनगर तहसील अंतर्गत शासकीय चरागाह भूमि पर कथित अवैध कब्जे को लेकर ग्राम पंचायत नादो का मामला गरमाया हुआ है. गांव की लगभग 28 एकड़ शासकीय भूमि पर कब्जे के प्रयास के आरोप लगाते हुए गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण मैहर कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की.
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि चरागाह भूमि गांव के सार्वजनिक उपयोग और पशुओं के लिए आरक्षित है, इसे किसी भी निजी उपयोग से सुरक्षित रखा जाए. ग्रामीणों का आरोप है कि आगामी चुनावों को देखते हुए वोट बैंक बनाने के उद्देश्य से इस शासकीय भूमि के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है.
कलेक्टर कार्यालय में आश्वासन, दूसरे दिन राजस्व अमला मौके पर

कलेक्ट्रेट में शिकायत सुनने के बाद प्रशासन ने जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए 17 सितंबर को तहसीलदार अनामिका सिंह के नेतृत्व में नायब तहसीलदार रामनगर सहित राजस्व अमला ग्राम नादो पहुंचा और संबंधित भूमि का मौके पर निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया.
सरपंच ने दी जानकारी - गरीबों को प्लाट की मांग
ग्राम पंचायत नादो सरपंच से प्राप्त सूचना के अनुसार म.प्र. शासन की लगभग 28 एकड़ आराजी पर वर्षों से अवैध कब्जे की स्थिति बनी हुई है. इसमें कुछ लोग भूमिहीन हैं, वहीं कुछ के पास पर्याप्त खेती और रिहायशी जमीन होते हुए भी कब्जे का प्रयास कर रहे हैं. गौशाला और चरागाह से लगी जमीनें भी सुरक्षित नहीं हैं.
पंचायत ने प्रशासन से मांग की है कि जिन गरीब, भूमिहीन परिवारों के पास घर बनाने को जमीन नहीं है और जिनका पीएम आवास स्वीकृत हो चुका है, उन्हें व्यवस्थित प्लाट आवंटित कर जमीन उपलब्ध कराई जाए, ताकि शासकीय भूमि का सही उपयोग हो सके.
तहसीलदार का बयान - सीमांकन और दस्तावेज जांच जारी
मामले में तहसीलदार अनामिका सिंह ने बताया कि मौके पर जाकर अवैध अतिक्रामकों को शासकीय भूमि से कब्जा हटाने को कहा गया है. प्राप्त सूचना, शिकायत और मांग पत्रों के आधार पर सीमांकन, अमले का प्रतिवेदन, पंचनामा और दस्तावेजों की जांच चल रही है. मियाद उपरांत नियमानुसार अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल राजस्व विभाग की जांच रिपोर्ट पर पूरे गांव की नजर टिकी है. नादो में शासकीय चरागाह का यह मामला इन दिनों चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है.
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