
जबलपुर. मध्य प्रदेश के संस्कारधानी शहर जबलपुर से एक बेहद गंभीर, संवेदनशील और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. मंडला रोड स्थित प्रतिष्ठित सेंट अलायसियस स्कूल, गौर में पढ़ाने वाले एक शिक्षक की घिनौनी करतूत का पर्दाफाश हुआ है. आरोपी शिक्षक पर आरोप है कि उसने स्कूल में पढ़ने वाली 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा को अपने जाल में फंसाया, सोशल मीडिया के जरिए उससे अश्लील चैट की, आपत्तिजनक सामग्री भेजी और उस पर लगातार धर्म परिवर्तन (मतांतरण) का दबाव बनाया.
पीड़िता के पिता की साहसिक शिकायत और स्थानीय हिंदू संगठनों की त्वरित सक्रियता के बाद गोराबाजार पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है. न्यायालय के आदेश के बाद आरोपी को फिलहाल केंद्रीय कारागार भेज दिया गया है.
तीन साल पहले हुई थी जान-पहचान, ऐसे बुना जाल
पुलिस जांच और परिजनों से प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार, आरोपी शिक्षक और पीड़िता की पहचान लगभग तीन वर्ष पूर्व हुई थी. बातों-बातों में शिक्षक ने छात्रा से उसका फोन नंबर हासिल कर लिया. इसके बाद वह लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए उससे बातचीत करने लगा.
धीरे-धीरे बातचीत का दायरा बढ़ा तो आरोपी ने छात्रा को शादी के झांसे में फंसा लिया. आरोप है कि शिक्षक ने उससे उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें मांगनी शुरू कर दीं और खुद उसे लगातार अश्लील वीडियो व संदेश भेजकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा. हद तो तब हो गई जब आरोपी ने शातिर तरीके से अपना मोबाइल नंबर छात्रा के फोन में 'मंगेतर' नाम से सेव करवा लिया. इसके बाद वह उस पर मुस्लिम धर्म अपनाने यानी मतांतरण के लिए खुला दबाव बनाने लगा.
घर में पूजा-पाठ से किनारा करने पर हुआ शक
आरोपी शिक्षक के लगातार मानसिक दबाव और बहकावे में आकर नाबालिग छात्रा ने अपने घर में होने वाले पूजा-पाठ और सनातन परंपराओं की पालना से किनारा करना शुरू कर दिया था. वह पूजा के समय किसी न किसी बहाने से टालमटोल करने लगी.
बेटी के व्यवहार में आए इस अचानक और असामान्य बदलाव से परिजनों को उस पर संदेह हुआ. जब परिजनों ने प्यार और सख्ती से उससे पूछताछ की और उसके मोबाइल फोन की जांच की, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. फोन में शिक्षक के साथ हुई आपत्तिजनक चैट और तमाम डरावनी सामग्री देखकर परिजनों के होश उड़ गए.
हिंदू संगठनों के हस्तक्षेप से हरकत में आई पुलिस
जब इस घटना की भनक स्थानीय हिंदू संगठनों को लगी, तो भारी आक्रोश फैल गया. हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक धनराज सिंह ठाकुर, अभिषेक स्वामी, राजेश गुप्ता, प्रकाश चौकसे और नीरज पटेल के नेतृत्व में दर्जनों पदाधिकारी, पीड़ित छात्रा और उसके परिजन सीधे गोराबाजार थाने पहुंचे.
संगठन के पदाधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की. पुलिस ने बिना देर किए बुधवार की देर रात ही आरोपी शिक्षक सैयद फैजान हुसैन (निवासी - स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की तिलहरी शाखा के पीछे, गौरव परिसर, जबलपुर) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), पॉक्सो एक्ट (POCSO Act), आईटी एक्ट और मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली.
न्यायालय के आदेश पर भेजा गया जेल
मामले की नजाकत को भांपते हुए पुलिस ने तुरंत दबिश दी और आरोपी शिक्षक सैयद फैजान हुसैन को गिरफ्तार कर लिया. गुरुवार को पुलिस ने उसे कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहाँ से अदालत के निर्देशानुसार उसे केंद्रीय कारागार भेज दिया गया है.
इस घटना के सामने आने के बाद से अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों में भारी रोष व्याप्त है. शिक्षा के मंदिर जैसे पवित्र संस्थान में इस तरह की आपराधिक और वैमनस्य फैलाने वाली हरकत ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा और उनकी संगति पर पैनी नजर रखना कितना आवश्यक हो गया है. फिलहाल पुलिस इस मामले के हर एक पहलू की गहराई से छानबीन कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस कृत्य में और कौन-कौन लोग शामिल हैं.
Leave A Reviews