
अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ चलाए गए 39 दिन लंबे सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ में भारी नुकसान सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस अभियान के दौरान अमेरिका के कम से कम 39 विमान नष्ट हो गए, जबकि 10 अन्य गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए।
बताया जा रहा है कि इस ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी सेना ने 13,000 से अधिक मिशन उड़ानें भरीं। सबसे बड़ा नुकसान ड्रोन बेड़े को हुआ, जो कुल नुकसान का 60 प्रतिशत से अधिक बताया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी वायुसेना के करीब 24 MQ-9A रीपर ड्रोन नष्ट हो गए, जिससे निगरानी और हमले की क्षमता पर असर पड़ा।
सीजफायर के बाद भी अमेरिका को झटका लगा, जब लगभग 200 मिलियन डॉलर का MQ-4C ट्राइटन ड्रोन होर्मुज क्षेत्र के ऊपर लापता हो गया।
ड्रोन के अलावा अमेरिका के पांच लड़ाकू विमान भी मार गिराए गए, जिनमें चार F-15E स्ट्राइक ईगल और एक A-10 वॉर्थोग शामिल हैं। इसके साथ ही एक अत्याधुनिक F-35A फाइटर जेट को भी ईरानी हवाई क्षेत्र में नुकसान पहुंचा, हालांकि पायलट सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराने में सफल रहा।
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि इस संघर्ष में ईरान ने प्रभावी जवाबी रणनीति अपनाई, जिससे अमेरिका को भी बड़ा सैन्य नुकसान उठाना पड़ा।
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