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'अनकही, अनदेखी और अब तक न भर पाए घावों की कहानी', 'कश्मीर फाइल्स' के चार साल पूरे

मुंबई, 11 मार्च (आईएएनएस)। भारत का इतिहास अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। लेकिन इसी इतिहास में कुछ ऐसे दर्दनाक अध्याय भी दर्ज हैं, जिन्हें याद भर करने से रोंगटे खड़े हो जाते हैं। ऐसा ही एक पीड़ादायक अध्याय वर्ष 1990 में कश्मीर घाटी में हुए नरसंहार और वहां से बड़ी संख्या में लोगों के पलायन से जुड़ा है, जिसको निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने वर्ष 2022 में आई अपनी फिल्म ‘कश्मीर फाइल्स’ के माध्यम से बड़े पर्दे पर प्रस्तुत किया।

मुंबई, 11 मार्च (आईएएनएस)। भारत का इतिहास अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। लेकिन इसी इतिहास में कुछ ऐसे दर्दनाक अध्याय भी दर्ज हैं, जिन्हें याद भर करने से रोंगटे खड़े हो जाते हैं। ऐसा ही एक पीड़ादायक अध्याय वर्ष 1990 में कश्मीर घाटी में हुए नरसंहार और वहां से बड़ी संख्या में लोगों के पलायन से जुड़ा है, जिसको निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने वर्ष 2022 में आई अपनी फिल्म ‘कश्मीर फाइल्स’ के माध्यम से बड़े पर्दे पर प्रस्तुत किया।

इस फिल्म के जरिए उन्होंने कश्मीरी लोगों के साथ हुई उस घटना को व्यापक रूप से सामने लाने और समाज को उसके बारे में जागरूक करने का प्रयास किया।

फिल्म ने बुधवार को अपनी रिलीज के 4 साल पूरे कर लिए हैं। फिल्म 11 मार्च 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। रिलीज के समय यह काफी सफल रही और बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया था। इसके बाद फिल्म को जी5 पर स्ट्रीम किया गया था।

जी स्टूडियो ने फिल्म के 4 साल पूरे होने पर इंस्टाग्राम पर फिल्म से जुड़ी कुछ तस्वीरें शेयर कीं। इसके साथ उन्होंने लिखा, "कश्मीर की उस अनकही, अनदेखी और अब तक न भर पाए घावों वाली कहानी को 4 साल हो गए हैं।"

यह फिल्म कश्मीरी हिंदुओं के साथ हुए अत्याचार, हिंसा और उनके मजबूरन पलायन की सच्ची घटनाओं पर आधारित थी। विवेक अग्निहोत्री ने फिल्म के जरिए न केवल कश्मीरी पंडितों के दर्द को उजागर किया था बल्कि उस समय की जटिल परिस्थितियों और वहां रहने वाले कई समुदायों की कहानियों को भी दिखाया था।

फिल्म के जरिए आज की युवा पीढ़ी को बताया गया था कि कैसे 1990 में हुए हिंसा ने कई निर्दोष परिवारों की जिंदगी को तबाह कर दिया था और आखिर क्यों कश्मीरियों को अपना घर छोड़ना पड़ा था।

विवेक अग्निहोत्री द्वारा निर्देशित फिल्म में अनुपम खेर, मिथुन चक्रवर्ती, दर्शन कुमार और पल्लवी जोशी मुख्य भूमिका में थे। कहा जाता है कि फिल्म शुरुआत में कम स्क्रीन्स पर रिलीज की गई थी, लेकिन दर्शकों की भारी मांग के बाद इसे 4,000 से अधिक स्क्रीन पर दिखाया गया था।

--आईएएनएस

एनएस/एएस

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