
देवास। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शर्मिला ठाकुर ने मध्य प्रदेश के देवास जिले में अपने समर्पण और संवेदनशील कार्यों से समाज में बदलाव की नई मिसाल पेश की है। सदाशिव नगर (सिविल लाइंस) स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में पदस्थ शर्मिला ठाकुर ने एक विशेष आवश्यकता वाले बच्चे के पुनर्वास से लेकर महिलाओं और किशोरियों को आत्मनिर्भर बनाने तक कई उल्लेखनीय पहल की हैं।
शर्मिला ठाकुर ने मानसिक रूप से विशेष आवश्यकता वाले एक बच्चे की जिम्मेदारी सिर्फ सरकारी दायित्व तक सीमित नहीं रखी। उन्होंने परिवार के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा और बच्चे के स्वास्थ्य, उपचार, देखभाल तथा व्यवहारिक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया। उनके धैर्य और निरंतर प्रयासों का परिणाम यह रहा कि बच्चे में उल्लेखनीय सुधार हुआ और अब वह अपनी कई दैनिक गतिविधियां स्वयं करने लगा है।
शर्मिला ठाकुर ने अपने क्षेत्र की महिलाओं और किशोरियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए सिलाई, कढ़ाई, मेहंदी कला और ब्यूटी पार्लर जैसे कौशलों का प्रशिक्षण उपलब्ध कराया। इन प्रशिक्षणों के बाद कई महिलाओं ने स्वरोजगार शुरू किया और आज वे अपनी आय से परिवार की आर्थिक मजबूती में योगदान दे रही हैं।

शर्मिला ठाकुर का मानना है कि यदि महिलाओं को सही अवसर और मार्गदर्शन मिले तो वे अपने परिवार के साथ-साथ समाज के विकास में भी अहम भूमिका निभा सकती हैं। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलता है, जब उन्हें संवेदनशीलता और समर्पण के साथ जमीनी स्तर पर लागू किया जाए।
विशेष बच्चों के पुनर्वास और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए गए कार्यों ने शर्मिला ठाकुर को एक प्रेरणादायक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रूप में पहचान दिलाई है। उनकी कार्यशैली यह संदेश देती है कि एक समर्पित व्यक्ति अपने प्रयासों से समाज में सकारात्मक और स्थायी बदलाव ला सकता है।
Leave A Reviews