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अनूपपुर में दर्दनाक रेल हादसा: बिना फाटक की क्रॉसिंग पर पिकअप से टकराई लोको ट्रेन, एक युवक की मौत, 6 घायल


अनूपपुर. मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। चचाई थाना क्षेत्र के एसईसीएल संजय नगर श्रमिक कॉलोनी में गुरुवार रात करीब 11 बजे अमरकंटक ताप विद्युत केंद्र की रेल लाइन पर एक लोको ट्रेन और पिकअप वाहन के बीच जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में पिकअप में सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। वहीं, बिना फाटक वाली रेल क्रॉसिंग पर हुई इस दुर्घटना ने स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

डीजे का सामान छोड़कर लौट रहे थे सभी सात लोग

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिकअप वाहन में सवार सभी सात लोग चकेठी गांव के निवासी थे। वे संजय नगर में डीजे का सामान छोड़कर वापस अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान साप्ताहिक बाजार के पास स्थित रेल लाइन पार करते समय उनका वाहन लोको ट्रेन की चपेट में आ गया।

बताया गया है कि अमरकंटक ताप विद्युत केंद्र, चचाई से निकली लोको ट्रेन कोयला लेने के लिए बंगवार-संगमा साइडिंग की ओर जा रही थी। इसी दौरान रेल लाइन पार कर रही पिकअप से उसकी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग गंभीर रूप से प्रभावित हुए।

घटनास्थल संजय नगर डबल स्टोरी के समीप बताया गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस स्थान पर रेल लाइन के दोनों ओर श्रमिकों के आवास हैं और लोगों का लगातार आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में यहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होना बेहद जरूरी है।

हादसे में रवि की मौत, छह लोग अस्पताल में भर्ती

इस दुर्घटना में 25 वर्षीय रवि बर्मन, निवासी चकेठी, की मौके पर ही मौत हो गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह स्वर्गीय लाल बर्मन के पुत्र थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक का सिर धड़ से अलग हो गया। हादसे के बाद पिकअप में फंसे शव को निकालने के लिए जेसीबी की मदद लेनी पड़ी।

दुर्घटना में छह अन्य लोग घायल हुए हैं। घायलों की पहचान अर्जुन कोल (17), विकास सिंह (22), शिवम बैगा (18), कन्हैया बर्मन (25), करन कोल (19) और राजेश सिंह (26) के रूप में हुई है। सभी चकेठी गांव के निवासी बताए गए हैं।

घटना की जानकारी मिलने के बाद घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय स्तर पर राहत और बचाव कार्य किया गया। एक ही वाहन में सवार लोगों के साथ हुई इस दुर्घटना ने उनके परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

बिना फाटक की क्रॉसिंग पर सुरक्षा को लेकर सवाल

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल रेल लाइन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। जानकारी के अनुसार, जिस स्थान पर दुर्घटना हुई, वहां रेलवे क्रॉसिंग पर फाटक नहीं था। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में श्रमिक कॉलोनी होने के कारण बड़ी संख्या में लोग रोजाना रेल लाइन के आसपास से गुजरते हैं।

रेल लाइन के दोनों ओर आवासीय क्षेत्र होने से लोगों को आने-जाने के लिए इस रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में रेल क्रॉसिंग पर उचित सुरक्षा प्रबंध, चेतावनी संकेत, रोशनी और आवश्यकतानुसार फाटक जैसी सुविधाएं महत्वपूर्ण हो जाती हैं।

स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी सामने आया है कि अमरकंटक ताप विद्युत गृह से कोयला परिवहन के लिए इस्तेमाल होने वाली लोको ट्रेन का संचालन एक निजी कंपनी के माध्यम से किया जाता है। जानकारी के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था के तहत विभिन्न स्थानों पर फाटक लगाने की स्वीकृति दी गई थी, लेकिन आरोप है कि कुछ जगहों पर अब तक फाटक नहीं लगाए गए। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और संबंधित जिम्मेदारियों का निर्धारण जांच के बाद ही किया जा सकेगा।

प्रत्यक्षदर्शियों ने अंधेरे और हॉर्न को लेकर उठाए सवाल

प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया गया है कि दुर्घटना के समय घटनास्थल पर अंधेरा था। कुछ लोगों ने यह आरोप भी लगाया कि लोको ट्रेन की ओर से हॉर्न नहीं बजाया गया। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो रेल संचालन के दौरान अपनाई जाने वाली सुरक्षा प्रक्रियाओं की समीक्षा की जरूरत हो सकती है।

हालांकि, हादसे की परिस्थितियों को स्पष्ट करने के लिए यह जांचना आवश्यक होगा कि दुर्घटना के समय ट्रेन की गति क्या थी, चालक ने हॉर्न बजाया था या नहीं, पिकअप चालक को ट्रेन दिखाई दी थी या नहीं और क्रॉसिंग पर कौन-कौन से सुरक्षा इंतजाम मौजूद थे।

ऐसे हादसों में किसी एक कारण को अंतिम रूप से जिम्मेदार ठहराने से पहले सभी तथ्यों की जांच जरूरी होती है। घटनास्थल की स्थिति, दृश्यता, चेतावनी व्यवस्था और ट्रेन संचालन से संबंधित रिकॉर्ड दुर्घटना की वास्तविक वजह समझने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

एसडीएम ने किया घटनास्थल का निरीक्षण

घटना की जानकारी मिलने के बाद देर रात एसडीएम प्राशी अग्रवाल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। हादसे के बाद मृतक के परिजनों ने मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को पावर हाउस में नौकरी उपलब्ध कराने की मांग की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, परिजन मृतक के एक भाई को रोजगार देने की मांग पर अड़े रहे। इसी कारण पोस्टमार्टम की प्रक्रिया प्रभावित होने की बात सामने आई। परिवार की मांगों और प्रशासन की ओर से की जा रही कार्रवाई को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।

मुआवजे और रोजगार की मांग ऐसे समय में सामने आई है, जब परिवार को अपने सदस्य की अचानक हुई मौत का सामना करना पड़ रहा है। हादसे के बाद परिजनों के लिए आर्थिक सहायता और भविष्य की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण मुद्दे बन गए हैं।

लोको ट्रेन संचालन की ठेका व्यवस्था पर भी आरोप

इस दुर्घटना के बाद लोको ट्रेन के संचालन और चालक उपलब्ध कराने वाली ठेका व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। उपलब्ध जानकारी में MK ट्रेडर्स नामक ठेका कंपनी का उल्लेख है, जिसके माध्यम से लोको पायलट उपलब्ध कराए जाने की बात कही गई है।

आरोप लगाया गया है कि कंपनी के संचालक पिछले करीब एक वर्ष से लकवाग्रस्त हैं और उनकी अनुपस्थिति में व्यवस्था संभालने वाले लोगों पर मजदूरों के शोषण के आरोप हैं। इसके अलावा, कुछ लोको पायलटों की उम्र 60 वर्ष से अधिक होने तथा उनकी सुनने और देखने की क्षमता कमजोर होने के दावे भी सामने आए हैं।

इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती। इसलिए यह जरूरी है कि संबंधित कंपनी, लोको ट्रेन के संचालन से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों और अन्य पक्षों से तथ्यों की जांच की जाए। चालक की योग्यता, स्वास्थ्य संबंधी पात्रता, ड्यूटी व्यवस्था और सुरक्षा नियमों के पालन की स्थिति स्पष्ट होने से मामले की गंभीरता को समझने में मदद मिलेगी।

जांच और सुरक्षा उपायों की जरूरत

अनूपपुर में हुई इस दुर्घटना ने एक बार फिर औद्योगिक रेल लाइनों के आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा का मुद्दा सामने ला दिया है। जहां रेल लाइनें आवासीय क्षेत्रों से गुजरती हैं, वहां सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना जरूरी है। फाटक, चेतावनी संकेत, पर्याप्त रोशनी और रेल संचालन से जुड़े सुरक्षा नियम दुर्घटनाओं का जोखिम कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस मामले में दुर्घटना की वास्तविक वजह, चालक की भूमिका, क्रॉसिंग पर उपलब्ध सुविधाओं और ठेका संचालन से संबंधित आरोपों की जांच महत्वपूर्ण होगी। साथ ही, यदि संबंधित स्थान पर सुरक्षा संबंधी कमियां पाई जाती हैं, तो उन्हें दूर करने के लिए उचित कदम उठाने की आवश्यकता होगी।

फिलहाल इस हादसे में एक युवक की मौत और छह लोगों के घायल होने की पुष्टि दी गई जानकारी के आधार पर की गई है। परिजनों की मुआवजे और नौकरी की मांग के साथ-साथ रेल क्रॉसिंग की सुरक्षा और लोको ट्रेन संचालन से जुड़े सवाल भी मामले को गंभीर बनाते हैं। जांच के निष्कर्षों से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किन उपायों की जरूरत है।

Date & Time : 2026-10-23 06:23:40

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