
बालाघाट जिले से एक बेहद दुखद और सतर्क करने वाली दुर्घटना सामने आई है। यहाँ ग्रामीण थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत रोशना के सितकुटोला गांव में एक किसान की कुएं के भीतर बनी जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई। इस अचानक हुए का शिकार हुए किसान की पहचान 50 वर्षीय लक्ष्मण लिल्हारे पिता हेमराज लिल्हारे के रूप में हुई है। वे अपने घर के पास स्थित कुएं में पानी की मोटर ठीक करने के लिए नीचे उतरे थे, तभी यह जानलेवा हादसा हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार को किसान लक्ष्मण लिल्हारे अपने खेतों और घर में पानी की सप्लाई सुचारू करने के लिए कुएं में उतरी मोटर को सुधारने की तैयारी कर रहे थे। जैसे ही वे कुएं के भीतर कुछ गहराई तक नीचे उतरे, वहां पहले से जमा कार्बन डाइऑक्साइड या अन्य किसी जहरीली गैस के भारी प्रभाव में आ गए। गैस के कारण उनका दम घुटने लगा और वे अचानक अचेत होकर कुएं के तलवे में जा गिरे।
लक्ष्मण के कुएं में गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास मौजूद परिजन बदहवास होकर कुएं के पास पहुंचे। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण भी लाठी और रस्सियों के साथ मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने भारी सूझबूझ और मशक्कत के बाद लक्ष्मण को कुएं से बाहर निकाला और तत्काल 108 एम्बुलेंस को सूचना दी। एम्बुलेंस की मदद से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन अस्पताल लाते ही डॉक्टरों ने गहन परीक्षण के बाद उन्हें आधिकारिक रूप से मृत घोषित कर दिया।
रोशना पंचायत के पूर्व सरपंच सुरेश नगपुरे ने इस दुखद घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि लक्ष्मण एक सीधे और मेहनती किसान थे, जो अपने खेत में सिंचाई के लिए मोटर ठीक करने नीचे गए थे। घटना के बाद ग्रामीण थाना पुलिस की टीम जिला अस्पताल पहुंची। पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में शव का पंचनामा तैयार किया और गुरुवार दोपहर को ही शव का पोस्टमॉर्टम कराकर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम कर लिया है। थाना प्रभारी का कहना है कि पोस्टमॉर्टम की विस्तृत रिपोर्ट (PM Report) आने के बाद ही मौत की असल वजह और गैस के प्रकार की पूरी जानकारी मिल सकेगी।
इसके बाद विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों के लिए एक जरूरी एडवायजरी जारी की है। अक्सर लंबे समय से बंद या गहरे कुओं के निचले हिस्से में जहरीली गैसें जमा हो जाती हैं। ऐसे में कुएं या गहरे गड्ढे में उतरने से पहले एक जलती हुई मोमबत्ती या लालटेन को रस्सी से बांधकर नीचे लटकाना चाहिए। यदि नीचे जाते ही मोमबत्ती बुझ जाए, तो इसका साफ मतलब है कि वहां ऑक्सीजन की कमी है और जहरीली गैस मौजूद है। ऐसी स्थिति में बिना सुरक्षा उपकरणों के कुएं में उतरना जानलेवा साबित हो सकता है।
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