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बालाघाट: महकारी नदी में मिला मादा चीतल का शव, स्टॉपडेम की झाड़ियों में फंसा मिला


बालाघाट जिले अंतर्गत लामता अंचल से वन्यजीव सुरक्षा से जुड़ी एक दुखद खबर सामने आई है। उत्तर सामान्य वन मंडल के लामता वन परिक्षेत्र में स्थित महकारी नदी से वन विभाग की टीम ने एक मृत मादा चीतल का शव बरामद किया है। तेज बहाव में बहकर आई चीतल का शव लामता स्टॉपडेम के समीप झाड़ियों में अटका हुआ था। सूचना मिलते ही वन विभाग के मैदानी अमले ने मौके पर पहुंचकर शव को पानी से बाहर निकाला और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण कराई।

ग्रामीणों की सूचना पर एक्टिव हुआ अमला, स्टॉपडेम के पास रेस्क्यू

लामता के वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) देवेंद्र रंगारे ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि स्थानीय ग्रामीणों ने रात के समय वन विभाग को अलर्ट किया था। ग्रामीणों ने सूचना दी थी कि एक चीतल महकारी नदी के तेज जलप्रवाह में बहकर स्टॉपडेम की तरफ चला गया है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वनकर्मियों की एक विशेष टीम को तुरंत नदी के तटीय इलाकों में सर्चिंग के लिए रवाना किया गया। सघन तलाश के बाद लामता स्टॉपडेम के निकट पानी और झाड़ियों के बीच मृत मादा चीतल का शव दिखाई दिया, जिसे मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया।

3 से 4 दिन पहले डूबने से मौत की आशंका, उम्र करीब ढाई साल

वन विभाग के निर्देश पर पशु चिकित्सक डॉ. अरविंद नागेश्वर द्वारा मृत वन्यप्राणी का विधिवत पोस्टमार्टम कराया गया। डॉ. नागेश्वर ने परीक्षण उपरांत बताया कि मृत मादा चीतल की आयु लगभग 2 से ढाई वर्ष के आसपास है। प्रारंभिक चिकित्सीय जांच के अनुसार चीतल की मौत करीब 3 से 4 दिन पहले हुई थी और इसके फेफड़ों में पानी भरने तथा दम घुटने से मौत होने का अनुमान है। ऐसा प्रतीत होता है कि जंगल से भटककर पानी पीने आई मादा चीतल नदी के उफान में बह गई होगी। पोस्टमार्टम के बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और वन विभाग की तय गाइडलाइन के तहत अधिकारियों की मौजूदगी में शव को अग्निदाह देकर नष्ट किया गया।

दो वन्यजीवों के बहने की चर्चा, नदी किनारे गश्त तेज

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि उन्होंने लामता स्टॉपडेम में एक नहीं बल्कि दो मृत वन्य प्राणियों को पानी में बहते देखा था। ग्रामीणों का कहना है कि एक वन्य प्राणी तेज बहाव के साथ आगे बह गया, जबकि दूसरा शव झाड़ियों में उलझकर स्टॉपडेम के पास ही रुक गया था, जिसे वन अमले ने रिकवर किया। ग्रामीणों की इस आशंका के मद्देनजर वन परिक्षेत्र अधिकारी ने निचले बहाव वाले क्षेत्रों और नदी के किनारों पर वनकर्मियों की गश्त बढ़ा दी है, ताकि यदि कोई अन्य वन्यप्राणी बहा हो तो उसकी भी पुष्टि की जा सके।

Date & Time : 2026-09-09 11:25:51

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