
शहडोल जिले अंतर्गत सीधी थाना क्षेत्र के छत्ता गांव से अंधविश्वास और वहम के चलते रिश्तों के कत्ल की एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां जादू-टोने और तंत्र-मंत्र के शक में एक रिश्ते की जेठानी ने अपनी ही 60 वर्षीय देवरानी की चुन्नी से गला घोंटकर निर्मम हत्या कर दी। मृतका की शिनाख्त सुखरानिया सिंह गोंड (60 वर्ष) के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में भारी दहशत और सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर सीधी थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा, वहीं आरोपी जेठानी को मौके से ही हिरासत में ले लिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह सनसनीखेज वारदात बुधवार सुबह घटित हुई। मृतका सुखरानिया सिंह गोंड अपने घर के पास बने बाड़े में मवेशियों को चारा डाल रही थीं। इसी दौरान उनकी जेठानी मुन्नी बाई वहां आ धमकी। दोनों के बीच पुराने विवाद को लेकर तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी मुन्नी बाई ने अपना आपा खो दिया और सुखरानिया की ही चुनरी से उनका गला कसकर दबा दिया। दम घुटने से सुखरानिया की मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई। चीख-पुकार सुनकर जब तक आसपास के ग्रामीण दौड़कर पहुंचे, तब तक वृद्धा दम तोड़ चुकी थी।
पुलिस की शुरुआती जांच में इस जघन्य हत्याकांड के पीछे अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र का गहरा शक सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी मुन्नी बाई की बेटी काफी समय से लगातार बीमार चल रही थी। मुन्नी बाई के मन में यह अंधविश्वास घर कर गया था कि उसकी देवरानी सुखरानिया उसके परिवार और बेटी पर काला जादू या टोना-टोटका करती है, जिसके कारण ही बेटी की तबीयत ठीक नहीं हो रही। इसी अंधविश्वासी सोच और वहम को लेकर दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ था और पूर्व में भी कई बार पंचायत व विवाद की नौबत आ चुकी थी।
मामले की पुष्टि करते हुए शहडोल पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि छत्ता गांव में जादू-टोने के संदेह में 60 वर्षीय महिला की हत्या का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला मुन्नी बाई के खिलाफ हत्या की सुसंगत धाराओं में आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। फॉरेंसिक टीम और पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम के कानूनी पहलुओं की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है ताकि मामले में कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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