
उमरिया जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (BTR) के मानपुर बफर परिक्षेत्र में रविवार को बाघ देखने गए एक ग्रामीण पर बाघ ने अचानक हमला कर दिया। इस अप्रत्याशित हमले में ग्रामीण शंकर पटेल की कमर और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। मौके पर मौजूद वन अमले ने तत्परता दिखाते हुए घायल को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार को ग्राम पटेहरा-2 अंतर्गत सेमरा-सेमरी वन सीमा के पास एक बाघ के मूवमेंट की खबर ग्रामीणों को मिली थी। बाघ की मौजूदगी की सूचना फैलते ही आसपास के कई ग्रामीण कौतूहलवश मौके पर एकत्र होने लगे।
टाइगर रिजर्व प्रबंधन और स्थानीय पुलिस बल ने ग्रामीणों को संभावित खतरे के प्रति आगाह करते हुए जंगल की सीमा की ओर न जाने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सख्त समझाइश दी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग झाड़ियों के पास जमा होते रहे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ग्रामीण जब जंगल के किनारे खड़े थे, तभी बाघ अचानक झाड़ियों से निकलकर खुले में आ गया। बाघ को सामने देखते ही मौके पर मौजूद लोगों में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। अधिकांश ग्रामीण तेजी से भागकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए, लेकिन शंकर पटेल संतुलन बिगड़ने के कारण पीछे रह गया और बाघ ने उस पर झपट्टा मार दिया। बाघ के पंजों से शंकर के हाथ और कमर में गहरे घाव आए। शोरगुल और वन कर्मियों के हस्तक्षेप के बाद बाघ वापस घने जंगल की ओर लौट गया।
मानपुर बफर क्षेत्र के परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) अंकित सोनी ने बताया कि वन विभाग की टीम पहले से ही बाघ के मूवमेंट पर लगातार नजर रख रही थी और ग्रामीणों को वहां न जाने की चेतावनी दी गई थी।
उन्होंने बताया कि घायल ग्रामीण शंकर पटेल को तत्काल मानपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे वन्यजीवों के करीब जाने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं, जंगलों की सीमा से दूरी बनाए रखें और किसी भी वन्यजीव के दिखने पर तत्काल वन अमले को सूचित करें। क्षेत्र में सुरक्षा के दृष्टिगत गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है।
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