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मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग का 32वां स्थापना दिवस, RCVP नरोन्हा अकादमी पहुंचे CM मोहन यादव


भोपाल। मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग (MP Human Rights Commission) के 32वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राजधानी भोपाल स्थित आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित इस गरिमामय समारोह में मुख्यमंत्री ने आयोग की वार्षिक स्मारिका, डायरी और न्यूज़ लेटर का औपचारिक विमोचन किया।

कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह, मप्र राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल रौतेल, हुजूर विधायक भगवान दास सबनानी, भोपाल महापौर मालती राय, जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त तरुण राठी तथा आयोग के अध्यक्ष ए.पी. सिंह सहित प्रशासनिक व न्यायिक जगत की प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं।

मास्टर प्लान में लेटलतीफी पर कड़े तेवर: नहीं आया प्लान तो होगी विभागीय कार्रवाई

मंच से प्रदेश के विकास और नगरीय नियोजन पर बोलते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए:

  • विभागीय स्तर पर संज्ञान: भोपाल समेत जिन शहरों में अब तक मास्टर प्लान लागू नहीं हो सका है, वहां विभागीय स्तर पर सीधे संज्ञान लेकर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

  • सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत होगा विषय: सीएम ने कहा कि इस संवेदनशील विषय को आवश्यकतानुसार माननीय उच्चतम न्यायालय के संज्ञान में भी लाया जाएगा और न्यायिक दिशा-निर्देशों के अनुरूप निर्णय लिए जाएंगे।

  • विपक्ष पर तंज: उन्होंने विपक्ष से विकास के मुद्दों पर राजनीति न करने की अपील करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौर में इस पर काम नहीं हुआ, इसलिए अब किसी को झूठा श्रेय लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए; जनता सब जानती है।

सागर शराब कांड पर दोटूक संदेश: 'आज भी हुआ हाफ एनकाउंटर, नहीं बख्शे जाएंगे अपराधी'

प्रदेश की कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सागर के बहुचर्चित अवैध शराब मामले का प्रमुखता से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन असामाजिक तत्वों के खिलाफ निरंतर जीरो टॉलरेंस के साथ कठोर कार्रवाई कर रहा है। आज भी पुलिस कार्रवाई के दौरान एक अपराधी का हाफ एनकाउंटर हुआ है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य में कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी सिंडिकेट या माफिया को कतई बख्शा नहीं जाएगा।

इसके साथ ही उन्होंने काकोरी ट्रेन एक्शन का स्मरण करते हुए कहा कि औपनिवेशिक गुलामी के प्रतीकों का महिमामंडन बंद होना चाहिए। उन्होंने बालाघाट में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में सुरक्षा बलों द्वारा उठाए जा रहे कदमों को मानव अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक बताया।

समानता और कल्याण: 'लाड़ली बहनों के खातों में पहुंचे 58 हजार करोड़'

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव जीवन मिलना सौभाग्य का विषय है और सभी नागरिकों को बिना किसी भेदभाव के समान अधिकार व अवसर दिलाना ही वास्तविक मानवाधिकार है।

  • महिला सशक्तिकरण: उन्होंने बताया कि राज्य सरकार नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत अब तक 58 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे पात्र बहनों के खातों में अंतरित की जा चुकी है।

  • आयोग की स्वतंत्रता: उन्होंने आयोग को निष्पक्ष, निर्भीक और मानवीय संवेदना के साथ संवैधानिक दायित्व निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को सर्वोच्च मानती है।

13 सितंबर 1995 को हुई थी आयोग की स्थापना: अध्यक्ष एपी सिंह

समारोह में आयोग के अध्यक्ष ए.पी. सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग की स्थापना 13 सितंबर 1995 को हुई थी। उन्होंने रेखांकित किया कि भारतीय संविधान की प्रस्तावना और मूल अधिकारों में प्रत्येक नागरिक को कानून के समक्ष समानता तथा धर्म, जाति व लिंग के भेदभाव से परे सुरक्षा की गारंटी दी गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री के विजन की सराहना करते हुए कहा कि आयोग पीड़ित नागरिकों को सुलभ और त्वरित न्याय दिलाने के लिए निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

Date & Time : 2026-09-13 10:45:34

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