
खंडवा। पुणे से दिल्ली जा रही गाड़ी संख्या 11077 झेलम एक्सप्रेस में रविवार तड़के उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एसी कोच में सफर कर रही सात माह की एक गर्भवती महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा और गंभीर ब्लीडिंग शुरू हो गई। खंडवा जिले के छनेरा रेलवे स्टेशन के पास महिला की हालत बिगड़ने और सीट खून से लथपथ होने पर रेलवे और पुलिस प्रशासन ने तत्परता दिखाई। हरसूद थाने की डायल-112 टीम ने ट्रेन रुकवाकर महिला को स्ट्रेचर से सुरक्षित उतारा और अस्पताल पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे खंडवा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
घटना रविवार सुबह करीब 5 बजे की है। ट्रेन जब छनेरा स्टेशन के करीब पहुंच रही थी, तभी एसी कोच नंबर-1 में सफर कर रहीं 7 माह की गर्भवती अमरीन नाज को अचानक अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा:
परिजन घबराए: महिला की बिगड़ती हालत और सीट पर फैला खून देखकर साथ चल रहे पति और परिजन घबरा गए। उन्होंने तत्काल ऑन-ड्यूटी रेलवे स्टाफ को आपात स्थिति की सूचना दी।
त्वरित समन्वय: छनेरा स्टेशन मास्टर चंदन कुमार ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए बिना समय गंवाए स्थानीय पुलिस और डायल-112 को अलर्ट किया।
10 मिनट रुकी रही ट्रेन: हरसूद थाने की डायल-112 टीम के हेड कांस्टेबल हरिप्रसाद और पायलट सतीश सोनी स्ट्रेचर लेकर तुरंत प्लेटफॉर्म पर पहुंचे। महिला को सावधानीपूर्वक बोगी से बाहर निकालकर डायल-112 वाहन से हरसूद सामुदायिक अस्पताल पहुंचाया गया। इस बचाव प्रक्रिया के चलते झेलम एक्सप्रेस करीब 10 मिनट तक स्टेशन पर रुकी रही।
हरसूद अस्पताल के चिकित्सकों ने महिला को तत्काल प्राथमिक उपचार देकर स्थिति को स्थिर किया। चूंकि मामला सात माह के गर्भ और अत्यधिक रक्तस्राव से जुड़ा था, इसलिए बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए उसे खंडवा स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया।
खंडवा मेडिकल कॉलेज में लगभग चार घंटे की गहन चिकित्सकीय निगरानी और आवश्यक ड्रिप व दवाएं देने के बाद महिला को लेबर रूम में शिफ्ट किया गया है, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में प्रसव की प्रक्रिया की जा रही है।
पीड़ित महिला की पहचान अमरीन नाज (पत्नी नेहाल अहमद) के रूप में हुई है। यह परिवार मूल रूप से हरियाणा के गुड़गांव (गुरुग्राम) का निवासी है। पति नेहाल अहमद पुणे में निजी नौकरी करते हैं। अमरीन सात माह की गर्भवती थीं, इसलिए नेहाल उन्हें सुरक्षित प्रसव और देखभाल के लिए पुणे से झेलम एक्सप्रेस के जरिए गुड़गांव स्थित पैतृक घर छोड़ने जा रहे थे। रास्ते में अचानक तबीयत बिगड़ने पर मध्य प्रदेश पुलिस और रेलवे प्रशासन की तत्परता से समय पर इलाज मिल सका।
Leave A Reviews