ढाका, 24 अगस्त (आईएएनएस)। बांग्लादेश पुलिस ने रंगपुर हत्याकांड को अंजाम देने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। जिले में हिंदू स्कूल शिक्षक (रिटायर्ड) और उनके परिवार की निर्मम हत्या के बाद पूरे इलाके में लोग काफी गुस्से में थे।
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ढाका, 24 अगस्त (आईएएनएस)। बांग्लादेश पुलिस ने रंगपुर हत्याकांड को अंजाम देने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। जिले में हिंदू स्कूल शिक्षक (रिटायर्ड) और उनके परिवार की निर्मम हत्या के बाद पूरे इलाके में लोग काफी गुस्से में थे।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि रंगपुर जिला स्कूल शिक्षक (रिटायर्ड) ने जब इन दोनों को छत पर 'याबा' (गैर-कानूनी मेथामफेटामाइन-युक्त नशीला पदार्थ) लेने से रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने हत्या की साजिश रच उसे अंजाम तक पहुंचाया।
आरोपियों की पहचान 23 साल के सिद्धार्थ दास और 19 साल के मुग्धा दास के तौर पर हुई है; दोनों को शहर के दखिगंज श्मशान घाट से हिरासत में लिया गया। कहा जा रहा है कि उन्होंने घर में तोड़-फोड़ की ताकि हत्याकांड को लूटपाट का रंग दिया जा सके।
यह घटना 20 अगस्त को हुई थी और पुलिस ने दो दिन बाद, शनिवार रात को परिवार के चारों सदस्यों के शव बरामद किए।
घटना के बाद, आरोपियों ने कथित तौर पर बाथरूम का इस्तेमाल किया, मेज से खजूर खाए और याबा का सेवन किया। बांग्लादेशी अखबार 'ढाका ट्रिब्यून' के अनुसार, पुलिस ने बताया कि उन्होंने फिंगरप्रिंट मिटाने के लिए गणपति और प्रीतिलता के मोबाइल फोन को वॉशिंग पाउडर के घोल में डुबो दिया था।
मृतकों की पहचान रंगपुर जिला स्कूल के रिटायर्ड टीचर 65 वर्षीय गणपति चक्रवर्ती, उनकी पत्नी 50 वर्षीय प्रीतिलता चक्रवर्ती, उनकी बेटी 23 वर्षीय आगामी चक्रवर्ती प्रार्थि और उनके बेटे 12 वर्षीय प्रियम चक्रवर्ती के तौर पर हुई थी।
रविवार दोपहर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर मोहम्मद अब्दुल माबुद ने दावा किया कि गुरुवार देर रात संदिग्ध गणपति के घर की छत पर याबा ले रहे थे, तभी आवाज सुनकर रिटायर्ड टीचर ऊपर गए।
गणपति ने संदिग्धों को ड्रग्स लेते हुए देखा और उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद उन्होंने कथित तौर पर तौलिए से उनका गला घोंट दिया।
उनकी चीख सुनकर पत्नी प्रीतिलता और बेटी प्रार्थि छत पर दौड़ीं। कथित तौर पर दोनों ने उनका भी गला घोंट दिया। कमिश्नर ने बताया कि इसके बाद संदिग्ध घर के अंदर गए और उसी तरह दंपत्ति के इकलौते बेटे प्रियम की भी हत्या कर दी। पुलिस ने जांच के आधार पर कहा कि हत्या के बाद शुक्रवार सुबह तक दोनों घर के अंदर ही रहे।
इस घटना के बाद, रविवार को रंगपुर जिला स्कूल के सैकड़ों छात्रों ने कक्षा बहिष्कार किया। हत्यारों की तुरंत गिरफ्तारी और उन्हें मौत की सजा देने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया था।
छात्रों ने रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर और जिला प्रशासन कार्यालयों तक मार्च निकाला और न्याय की मांग करते हुए अलग-अलग ज्ञापन सौंपे। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, बाद में उन्होंने स्कूल के सामने मुख्य सड़क पर मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन किया।
इस बीच, अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों के लिए काम करने वाले प्रमुख संगठन 'बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद' ने इस बर्बर हत्याकांड की निंदा करते हुए दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की।
--आईएएनएस
केआर/
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