Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

भारत-भूटान संबंधों को मिली नई गति, आर्थिक विकास, ऊर्जा और कनेक्टिविटी में बढ़ा रणनीतिक सहयोग: रिपोर्ट


नई दिल्ली। भारत और भूटान के बीच दशकों पुरानी मित्रता अब पारंपरिक विकास सहयोग के दायरे से आगे बढ़कर एक व्यापक और भविष्य-उन्मुख रणनीतिक साझेदारी का रूप ले रही है। इंडिया नैरेटिव में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक वर्ष के दौरान दोनों देशों के बीच 4 प्रमुख क्षेत्रों - आर्थिक योजना, ऊर्जा परिवर्तन, क्षेत्रीय संपर्क और ज्ञान साझाकरण - में द्विपक्षीय सहयोग तेजी से मजबूत हुआ है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 1949 और 2007 की मैत्री संधियों की भावना पर आधारित भारत-भूटान संबंध अब अधिक परिपक्व और संस्थागत रूप ले चुके हैं। भारत का विकास सहयोग अब केवल परियोजना-आधारित सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि भूटान की दीर्घकालिक विकास योजनाओं के साथ गहराई से जुड़ चुका है।

हाल ही में संपन्न 5वें भारत-भूटान विकास सहयोग वार्ता में भारत द्वारा भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना (2024-29) के लिए घोषित 10,000 करोड़ रुपए (100 अरब नगुल्ट्रम) की सहायता की समीक्षा की गई।

इस पैकेज में से 6,860 करोड़ रुपए 82 उच्च प्राथमिकता वाली परियोजनाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं, जिनमें स्वास्थ्य सेवाएं, शहरी अवसंरचना और आपदा प्रतिरोधी विकास जैसे क्षेत्र शामिल हैं। शेष राशि भूटान के आर्थिक प्रोत्साहन कार्यक्रम के लिए बजटीय सहायता के रूप में दी जा रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, इस मॉडल की विशेषता यह है कि भारतीय सहायता भूटान पर बाहर से थोपी गई योजना नहीं है, बल्कि उसकी स्वयं की राष्ट्रीय विकास रणनीति का हिस्सा है, जिससे स्थानीय स्वामित्व और परियोजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ती है।

भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने भारत की 80वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे संदेश में भारत को "अडिग साझेदार और बड़े भाई" बताया।

इसके जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत थिम्फू के साथ अपने विशेष संबंधों को अत्यंत महत्व देता है और भूटान की संप्रभुता, समृद्धि और सकल राष्ट्रीय खुशहाली (ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस) के प्रति उसकी प्रतिबद्धता अटूट है।

ऊर्जा क्षेत्र दोनों देशों की साझेदारी का प्रमुख आधार बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत की जेएसडब्ल्यू एनर्जी और भूटान की ड्रुक ग्रीन पावर कॉर्पोरेशन (डीजीपीसी) ने 920 मेगावाट पुनात्सांगछू-III जलविद्युत परियोजना के विकास के लिए संयुक्त उद्यम बनाया है।

इस संयुक्त उद्यम में डीजीपीसी की 51 प्रतिशत और जेएसडब्ल्यू एनर्जी की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। परियोजना भूटान की सबसे बड़ी जलविद्युत योजनाओं में से एक मानी जा रही है।

इसके अलावा, भूटान की सरकार और भारतीय निर्यात-आयात बैंक के बीच 4,000 करोड़ रुपए की अम्ब्रेला ऋण सुविधा भी सक्रिय हो चुकी है, जिसका उपयोग नई नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के वित्तपोषण में किया जाएगा।

भारत और भूटान अपनी साझा सीमा को केवल भौगोलिक रेखा के बजाय व्यापार, यात्रा और आर्थिक गतिविधियों के जीवंत गलियारे में बदलने की दिशा में काम कर रहे हैं।

इस क्रम में दक्षिण-पूर्वी भूटान के सामरंग और असम के उदालगुड़ी जिले को जोड़ने वाला नया भूमि सीमा शुल्क मार्ग विकसित किया जा रहा है। इससे कृषि उत्पादों, औद्योगिक सामग्री और दैनिक उपभोग की वस्तुओं के आवागमन को सुविधा मिलेगी।

नया मार्ग व्यापारिक बाधाओं को कम करेगा, वैकल्पिक परिवहन विकल्प उपलब्ध कराएगा और भूटान के दक्षिणी क्षेत्रों को भारत के पूर्वोत्तर राज्यों के साथ और बेहतर तरीके से जोड़ देगा।

दोनों देशों के सहयोग का विस्तार अब डिजिटल क्षेत्र तक भी पहुंच चुका है। गुवाहाटी में शुरू की गई पहली अंतरराष्ट्रीय डाक सहयोग पहल के तहत इंडिया पोस्ट और भूटान पोस्ट के बीच संबंधों को औपचारिक रूप दिया गया है।

इस पहल में यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन के 'पॉसट्रांसफर' सिस्टम को भारत की यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) प्रणाली के साथ जोड़ा गया है, जिससे दोनों देशों के बीच वित्तीय और डाक सेवाओं को अधिक सुगम बनाने की उम्मीद है।

हालांकि भूटान के पास अभी अपना घरेलू रेल नेटवर्क नहीं है, लेकिन भारत सीमा तक रेल संपर्क का विस्तार कर रहा है, जिसका उद्देश्य भूटानी माल ढुलाई को अधिक तेज, सस्ता और कुशल बनाना है।

रिपोर्ट के अनुसार, सीमा पर स्थापित हो रहे लॉजिस्टिक केंद्र भविष्य में दोनों देशों के बीच व्यापारिक संपर्क को और मजबूत करेंगे।

Share:

Leave A Reviews

Related News