
इस्लामाबाद/यरुशलम. अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली ऐतिहासिक शांति वार्ता से ठीक पहले पाकिस्तान और इजराइल के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के एक विवादित सोशल मीडिया पोस्ट ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हड़कंप मचा दिया है.
विवाद की मुख्य वजह
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजराइल को "मानवता के लिए अभिशाप" और "कैंसर" करार देते हुए कहा कि इस देश को बनाने वाले "नरक में जलें." उन्होंने इजराइल पर गाजा, ईरान और अब लेबनान में "नरसंहार" करने का आरोप लगाया. यह बयान ऐसे समय में आया है जब इजराइल ने हाल ही में लेबनान में भारी बमबारी की है, जिसमें 300 से अधिक लोग मारे गए हैं.
इजराइल की तीखी प्रतिक्रिया
इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने इस बयान को "अपमानजनक" बताया है. इजराइल का कहना है कि यह सीधे तौर पर उनके देश के अस्तित्व को खत्म करने की मांग जैसा है. इजराइली अधिकारियों ने पाकिस्तान की मध्यस्थता पर सवाल उठाते हुए कहा:
"यह बयान उस देश की ओर से स्वीकार्य नहीं है जो खुद को शांति वार्ता का निष्पक्ष मध्यस्थ बता रहा हो."
इस्लामाबाद में 'शांति वार्ता' पर संकट के बादल
शनिवार को इस्लामाबाद के होटल सेरेना में अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर को लेकर अहम बातचीत होनी है.
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल: इसका नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) करेंगे.
ईरानी प्रतिनिधिमंडल: ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ वार्ता की कमान संभाल रहे हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि ख्वाजा आसिफ के इस बयान से पाकिस्तान की "न्यूट्रल फैसिलिटेटर" (निष्पक्ष सूत्रधार) की छवि को नुकसान पहुँच सकता है, जिससे अमेरिका और इजराइल की नाराजगी वार्ता के नतीजों को प्रभावित कर सकती है.
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