कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए सरगर्मी तेज हो गई है. भाजपा ने अपना संकल्प पत्र (घोषणा पत्र) जारी कर ममता सरकार को सीधी चुनौती दी है. गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की कि यदि भाजपा सत्ता में आती है, तो राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) को मात्र 6 महीने के भीतर लागू कर दिया जाएगा.
घोषणा पत्र की मुख्य बातें:
महिला सशक्तिकरण: राज्य की महिलाओं को हर महीने 3,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी.
सरकारी कर्मचारी: राज्य कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करते हुए, सरकार बनने के 45 दिनों के भीतर सातवां वेतनमान (7th Pay Commission) लागू करने का वादा किया गया है.
युवा रोजगार: बेरोजगार युवाओं को हर महीने 3,000 का बेरोजगारी भत्ता मिलेगा.
गौ-तस्करी पर लगाम: सीमावर्ती क्षेत्रों में गौ-तस्करी को पूरी तरह रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे.
भ्रष्टाचार मुक्त शासन: अमित शाह ने पिछले 15 वर्षों को 'कालरात्रि' बताते हुए वादा किया कि भाजपा बंगाल को 'सिंडिकेट राज' और भ्रष्टाचार से मुक्त करेगी.
सियासी समीकरण: ओवैसी की पार्टी अकेले लड़ेगी चुनाव
एक बड़े घटनाक्रम में, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) से गठबंधन तोड़ लिया है. AIMIM ने स्पष्ट किया कि वे हुमायूं कबीर के हालिया विवादित बयानों से सहमत नहीं हैं और अब पार्टी बंगाल की सभी सीटों पर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी.
चुनाव कार्यक्रम
पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र का उत्सव दो चरणों में संपन्न होगा:
पहला चरण: 23 अप्रैल 2026
दूसरा चरण: 29 अप्रैल 2026
इसी दौरान तमिलनाडु में भी 23 अप्रैल को सभी सीटों पर एक साथ मतदान होगा.
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