
भोपाल। भोपाल में मेट्रो परियोजना के काम को गति देने के लिए भारत टॉकीज से बोगदा पुल के बीच संचालित आरा मशीनों को हटाने की तैयारी तेज हो गई है। इस मार्ग पर करीब चार दशक से चल रही लगभग 80 आरा मशीनों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाना है। इसी कड़ी में जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम ने टिम्बर मार्केट क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 10 आरा मशीनों पर ताला लगा दिया। हालांकि, मौके पर संचालकों के विरोध के चलते तत्काल बेदखली की कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी। प्रशासन ने उनकी मांग पर पांच दिन का अतिरिक्त समय दिया है। अधिकारियों ने साफ किया है कि निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद संबंधित स्थानों को खाली कराया जाएगा।
प्रशासन की इस कार्रवाई से आरा मशीन संचालकों में हलचल बढ़ गई है। जिन संचालकों को पहले ही बेदखली के नोटिस जारी किए जा चुके थे, उनके खिलाफ अब मौके पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि संबंधित जमीन पर कब्जे को लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इसके बाद भी जगह खाली नहीं किए जाने के कारण प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ रही है।
तहसीलदार भूपेंद्र कैलासिया के अनुसार, नासिर उद्दीन की जमीन पर कब्जे से जुड़े मामले की सुनवाई तहसीलदार न्यायालय में चल रही थी। इस दौरान संबंधित 10 कब्जेदारों से जमीन पर अपने मालिकाना हक के दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया था। हालांकि, वे जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके। इसके बाद न्यायालय से बेदखली के आदेश जारी किए गए।
इससे पहले 0.0495 हेक्टेयर जमीन के मामले में भी 16 अक्टूबर को बेदखली का आदेश जारी किया गया था। इसमें रिजवान खान की फाइन टिम्बर सहित संबंधित पक्षों को तीन दिन के भीतर जमीन खाली करने और उसका कब्जा आवेदकों को सौंपने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद निर्धारित समय में जगह खाली नहीं होने पर प्रशासन ने आगे की कार्रवाई शुरू की।
भारत टॉकीज से बोगदा पुल तक करीब 80 आरा मशीनें लंबे समय से संचालित हो रही हैं। मेट्रो परियोजना के मार्ग और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं को देखते हुए इन मशीनों को इस क्षेत्र से हटाने की योजना बनाई गई है। इनके लिए परवलिया सड़क स्थित छोटा रातीबड़ में वैकल्पिक स्थान तैयार किया जा रहा है, ताकि कारोबारियों को व्यवस्थित तरीके से दूसरी जगह बसाया जा सके।
इस शिफ्टिंग प्रक्रिया के तहत उद्योग विभाग अब तक 30 आरा मशीन संचालकों को प्लॉट आवंटित कर चुका है। आवंटित जमीन पर शेड बनाने का काम भी शुरू हो गया है। बाकी संचालकों को प्लॉट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन और संबंधित विभागों की कोशिश है कि सभी कारोबारियों को वैकल्पिक व्यवस्था मिलने के बाद पुराने स्थानों को खाली कराया जाए।
आरा मशीनों को हटाने का मामला केवल मेट्रो परियोजना तक सीमित नहीं है। एक ओर मेट्रो के लिए रास्ता खाली कराने की तैयारी चल रही है, वहीं दूसरी ओर निजी जमीन पर कब्जे से जुड़े मामलों में भी प्रशासन कार्रवाई कर रहा है। इसी वजह से टिम्बर मार्केट क्षेत्र में संचालकों पर दबाव बढ़ा है।
टिम्बर एसोसिएशन के अध्यक्ष बद्र आलम के मुताबिक, मेट्रो की जद में आने वाली आरा मशीनों की शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उनका कहना है कि ज्यादातर संचालकों ने पुराने स्थान पर अपना काम बंद कर दिया है। ऐसे में आने वाले समय में भारत टॉकीज से बोगदा पुल के बीच का यह इलाका आरा मशीनों से खाली हो सकता है।
फिलहाल प्रशासन ने 10 संचालकों को पांच दिन की मोहलत दी है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बाकी आरा मशीन संचालकों के लिए प्लॉट आवंटन और शेड निर्माण की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है। इस पूरी कवायद का उद्देश्य मेट्रो परियोजना के लिए जरूरी जगह उपलब्ध कराने के साथ कारोबारियों को वैकल्पिक स्थान पर व्यवस्थित करना है।
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